
Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को बिकवाली का दबाव लगातार पांचवें सत्र भी बना रहा। भारी बिकवाली के चलते निफ्टी 25,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 193 अंकों की गिरावट के साथ 25,683 पर बंद हुआ।
अब सोमवार, 12 जनवरी को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।
दिनभर कमजोरी का माहौल
शुक्रवार को निफ्टी की शुरुआत ही 36 अंकों की गिरावट के साथ हुई थी। इसके बाद पूरे दिन बाजार पर बिकवाली हावी रही। नतीजतन, निफ्टी के 35 से ज्यादा शेयर लाल निशान में बंद हुए। बाजार में खरीदारी का समर्थन बेहद सीमित नजर आया।
शुक्रवार की गिरावट के साथ ही बाजार के लिए पूरा हफ्ता कमजोर रहा। निफ्टी लगातार पांचों कारोबारी सत्रों में गिरा। हफ्ते के अंत में कुल 2.45% टूट गया। यह 26 सितंबर 2025 को खत्म हुए हफ्ते के बाद निफ्टी की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
₹15 लाख करोड़ का मार्केट कैप साफ
बीते हफ्ते की तेज बिकवाली से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹15 लाख करोड़ घट गया। बाजार की यह गिरावट निवेशकों के सेंटीमेंट पर साफ असर डालती दिखी।
बाजार पर दबाव बनाने में बड़े शेयरों की अहम भूमिका रही। HDFC Bank ने जनवरी 2024 के बाद की अपनी सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। इस हफ्ते अकेले HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा घट गया।
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
कमजोर बाजार के बीच भी Asian Paints, ONGC और HCL Tech जैसे शेयर निफ्टी में बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। वहीं Adani Enterprises, NTPC और Adani Ports पर सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव देखने को मिला और ये शेयर दिन के टॉप लूजर्स रहे।
सेक्टरों में कैसा रहा हाल
ऑयल एंड गैस, आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर में तुलनात्मक रूप से कम नुकसान हुआ। इसके उलट रियल्टी, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट में दबाव और ज्यादा दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.79% फिसला। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.81% की तेज गिरावट देखने को मिली।
अगले हफ्ते नतीजों पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते शुरू होने वाले तिमाही नतीजों पर रहेगी। सोमवार को TCS और HCL Technologies अपने नतीजे जारी करेंगी। वहीं, शुक्रवार को Reliance Industries के नतीजे आने हैं। इन नतीजों का असर आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।
निफ्टी पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि अगर निफ्टी 25,700 के सपोर्ट के नीचे टिकता है, तो आने वाले हफ्ते में गिरावट और गहरी हो सकती है। ऐसे में इंडेक्स 25,400 तक फिसल सकता है। फिलहाल ऊपर की ओर 25,900 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
Centrum Broking के नीलेश जैन के मुताबिक, निफ्टी ने रिकवरी की कोशिश जरूर की, लेकिन 50-डे मूविंग एवरेज के आसपास उसे कड़ा रेजिस्टेंस मिला। यह एवरेज करीब 25,960 के स्तर पर है, जहां से इंडेक्स को वापस दबाव झेलना पड़ा।
नीलेश जैन ने आगे कहा कि अगला अहम सपोर्ट 100-डे मूविंग एवरेज के पास है, जो करीब 25,540 के स्तर पर स्थित है। जब तक निफ्टी इस जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक 25,900 की ओर एक और उछाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
लगातार बिकवाली से सेंटीमेंट कमजोर
LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बार-बार आई बिकवाली ने निफ्टी को मल्टी-डे लो तक खींच लिया है और बाजार का सेंटीमेंट साफ तौर पर नेगेटिव हो चुका है। उनका मानना है कि निकट अवधि में ट्रेंड कमजोर ही रह सकता है।
रूपक डे का कहना है कि आने वाले सत्रों में निफ्टी 25,550 से 25,500 के दायरे तक फिसल सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 25,850 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।
HDFC Securities के नंदिश शाह के मुताबिक, अगर निफ्टी 100-डे EMA यानी 25,619 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। ऐसे में अगला बड़ा सपोर्ट 25,318 पर है, जो नवंबर 2025 का स्विंग लो भी है। शाह ने यह भी कहा कि किसी भी रिकवरी पर 25,950-26,000 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस बना रहेगा।
निफ्टी बैंक में भी कमजोरी के संकेत
निफ्टी बैंक इंडेक्स 29 दिसंबर के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ है। इसे शॉर्ट-टर्म अपट्रेंड के कमजोर पड़ने का संकेत माना जा रहा है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, निफ्टी बैंक के लिए 59,100-59,000 का जोन तुरंत सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स 59,000 के नीचे टिकता है, तो गिरावट बढ़कर 58,500 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 59,500-59,600 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।