
जापान के सॉफ्टबैंक ने भारत की इलेक्ट्रिक टूव्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अपनी 2.15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। सॉफ्टबैंक ने ऐसा अपनी इनवेस्टमेंट फर्म SVF II ऑस्ट्रिच (DE) LLC के जरिए किया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि SVF II ऑस्ट्रिच (DE) LLC ने 3 सितंबर 2025 और 5 जनवरी 2026 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,628,299 शेयर बेचे हैं। 5 जनवरी 2026 को हुई बिक्री कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के नियमों के तहत निर्धारित 2 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करती है।
इस लेन-देन के बाद ओला इलेक्ट्रिक में SVF II ऑस्ट्रिच (DE) LLC की हिस्सेदारी पहले के 15.68 प्रतिशत से घटकर 13.53 प्रतिशत हो गई है। सॉफ्टबैंक की इनवेस्टमेंट फर्म ने पिछले साल भी 15 जुलाई 2025 और 2 सितंबर 2025 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,943,459 शेयर बेचे थे। इससे कंपनी में उसकी हिस्सेदारी 17.83 प्रतिशत से घटकर 15.68 प्रतिशत रह गई थी।
Ola Electric का शेयर गिरा
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में 9 जनवरी को गिरावट है। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 3 प्रतिशत गिरावट के साथ 39.20 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 17300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत एक साल में लगभग आधी हो चुकी है। 3 महीने में शेयर 21 प्रतिशत टूट चुका है। ओला इलेक्ट्रिक अगस्त 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO प्राइस 76 रुपये था।
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर को कवर करने वाले 8 एनालिस्ट्स में से 3 ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ रेटिंग दी है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 36.78 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
सितंबर तिमाही में वित्तीय सेहत
ओला इलेक्ट्रिक का जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में शुद्ध घाटा सालाना आधार पर घटकर ₹418 करोड़ पर आ गया। एक साल पहले यह ₹495 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 43.2% घटकर ₹690 करोड़ पर आ गया। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी ने 52,666 व्हीकल्स की सप्लाई की। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹203 करोड़ रह गया। सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में 19 लाख रिटेल शेयरहोल्डर ऐसे थे, जिनके पास ओला इलेक्ट्रिक में 17.3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।