Defence Stocks: पूरा बाजार लाल, फिर भी डिफेंस शेयरों में बंपर तेजी! मझगांव डॉक 6% उछला, जानें ये 3 बड़े कारण – defence stocks rally despite market sell off mazagon dock and others jump up to 6 percent 3 key reasons



Defence Stocks: शेयर मार्केट में जारी गिरावट के बावजूद डिफेंस कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार 9 जनवरी को जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। दोपहर 12.10 बजे के करीब, निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इंडेक्स में शामिल कई शेयर 6 प्रतिशत तक चढ़ गए।

सबसे अधिक तेजी MTAR टेक्नोलॉजीज के शेयरों में देखने को मिली, जो 6.3 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर करीब 2.5 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) के शेयर लगभग 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। BEL के शेयरों ने तो सात हफ्तों का उच्चतम स्तर भी छू लिया। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि कंपनी को 596 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि उसे ड्रोन डिटेक्शन और जैमिंग सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन टर्मिनल, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस, अपग्रेड्स, स्पेयर्स और सर्विसेज से जुड़े कई ऑर्डर मिले हैं। इस खबर के बाद BEL के शेयर 2.1 प्रतिशत तक चढ़कर 424.55 रुपये पर पहुंच गए। इससे पहले 2025 में BEL के शेयरों ने करीब 36 प्रतिशत का रिटर्न दिया था।

डिफेंस शेयरों में इस तेजी के पीछे तीन अहम कारण रहे-

1. अमेरिका ने बढ़ाया डिफेंस बजट

सबसे बड़ा कारण अमेरिका से जुड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के बड़े डिफेंस बजट का प्रस्ताव रखा है। यह 2026 में मंजूर किए गए 901 अरब डॉलर के बजट से कहीं अधिक है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई, जिसका असर भारतीय डिफेंस शेयरों पर भी पड़ा। अमेरिका में नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन, लॉकहीड मार्टिन, क्रैटोस डिफेंस और RTX कॉर्प जैसे स्टॉक्स में मजबूत उछाल दर्ज किया गया, जिससे ग्लोबल स्तर पर डिफेंस सेक्टर को सपोर्ट मिला।

2. जर्मनी से सबमरीन डील की उम्मीद

दूसरा बड़ा ट्रिगर भारत और जर्मनी के बीच संभावित मेगा सबमरीन डील से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश कम से कम 8 अरब डॉलर के एक बड़े रक्षा समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा हो सकता है। इस डील की खास बात यह है कि इसमें पहली बार पनडुब्बी निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी शामिल हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समझौते के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और जर्मनी की कंपनी ‘थाइसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स GmbH’ के बीच साझेदारी हो सकती है। इसी उम्मीद के चलते मझगांव डॉक निफ्टी 200 और निफ्टी 500 के टॉप गेनर्स में शामिल रहा और इसके शेयर 5 प्रतिशत तक चढ़ गए।

भारत की नौसेना फिलहाल पुरानी रूसी पनडुब्बियों और फ्रांस में बनी नई पनडुब्बियों पर निर्भर है। अगर जर्मनी के साथ यह नया सौदा होता है, तो भारत अतिरिक्त फ्रांसीसी पनडुब्बियां खरीदने की योजना को भी छोड़ सकता है। इस संभावित बदलाव ने निवेशकों को डिफेंस शिपयार्ड्स के शेयरों की ओर आकर्षित किया है।

3. ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ता तनाव

तीसरा अहम कारण यूरोप और आर्कटिक क्षेत्र से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएं हैं। हाल के दिनों में ग्रीनलैंड को लेकर बढ़े तनाव के चलते यूरोपीय डिफेंस शेयरों में लगातार पांचवें दिन तेजी देखने को मिली। व्हाइट हाउस की ओर से संकेत मिले हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर “कई विकल्पों” पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुले तौर पर कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। खासतौर पर रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों के चलते।

हालांकि ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने साफ कहा है कि यह क्षेत्र बिक्री के लिए नहीं है। यूरोपीय नेताओं के कड़े बयानों के बाद भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ा है। निवेशकों को आशंका है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो नाटो जैसे सैन्य गठबंधन के अस्तित्व को लेकर भी आगे सवाल खड़े हो सकते हैं।

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