
BHEL share price : चाइनीज कंपनियों से जुड़ी सरकारी पॉलिसी में बदलाव से जुड़ी चिंताओं के कारण हुई तेज़ बिकवाली के बाद ब्रोकरेज फर्म UBS ने BHEL में 375 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘बाय’ कॉल दी है। इसके चलते आज शुक्रवार के कारोबार में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयर फोकस में रहेंगे। UBS के टारगेट प्राइस का मतलब है कि इस शेयर में गुरुवार के क्लोजिंग लेवल से 35 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आ सकती है। UBS ने कहा कि उसका का यह पॉजिटिव रुख हाल ही में कंपनी को मिले मज़बूत ऑर्डर और बेहतर होती एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी के कारण बना है।
गुरुवार को BHEL के शेयर करीब 9 परसेंट गिर कर बंद हुए थे। इंट्राडे में इसमें 10 परसेंट का लोअर सर्किट लगा था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत सरकारी टेंडर में हिस्सा लेने वाली चीनी कंपनियों पर पांच साल पुरानी पाबंदियों को खत्म करने पर विचार कर रहा है। इसके चलते शेयर दबाव में आ गया था। कल यह स्टॉक 276.9 रुपये पर बंद हुआ,जिससे इसकी हालिया बढ़त खत्म हो गई थी। हालांकि,पिछले एक साल में यह अभी भी करीब 28 फीसदी ऊपर है। जबकि,इस अवधि में निफ्टी में लगभग 10 फीसदी की ही बढ़त देखने को मिली है।
BHEL स्टॉक कॉल: हालिया करेक्शन के बाद ब्रोकरेज का नज़रिया पॉजिटिव
UBS का कहना है कि BHEL के शेयरों में हालिया गिरावट स्टॉक के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। कंपनी की ऑर्डर बुक काफी मजबूत है। ब्रोकरेज ने बताया कि BHEL को 5,400 करोड़ रुपये का कोल गैसिफिकेशन और रॉ सिनगैस क्लीनिंग प्लांट का ऑर्डर मिला है, जिससे FY26 में उसके ऑर्डर इनफ्लो पूरे साल के अनुमान के लगभग 60 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं।
यह ऑर्डर कोल इंडिया और BHEL के जॉइंट वेंचर BCGCL ने कोल-टू-अमोनियम-नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए दिया है। इसमें BHEL की अपनी प्रेशराइज्ड फ्लूइडाइज्ड बेड गैसिफिकेशन (PFBG) टेक्नोलॉजी का पहला कमर्शियल इस्तेमाल होगा। UBS ने कहा कि यह कंपनी के लिए R&D से बड़े पैमाने पर एग्जीक्यूशन की ओर एक बदलाव है। इस ऑर्डर को 42 महीने में पूरा किया जाना है। इसके साथ ही 60 महीने का ऑपरेशन और मेंटेनेंस अवधि भी है। इससे कंपनी को लॉन्ग-टर्म में अच्छी कमाई की उम्मीद है।
शॉर्ट-टर्म में पॉलिसी की अनिश्चितता को नज़रअंदाज़ करते हुए UBS ने कहा कि BHEL का बेहतर होता ऑर्डर बुक, टेक्नोलॉजी की श्रेष्ठता और एग्जीक्यूशन पाइपलाइन हाल की गिरावट के बाद इसे मज़बूत स्थिति प्रदान करते हैं। पिछले क्लोजिंग पर BHEL का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 94,700 करोड़ रुपये था।
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