
अमेरिका ने भारत और चीन समेत रूस से कारोबार करने वाले सभी देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के बाद भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार 8 जनवरी को हड़कंप मच गया। एक्सपोर्ट पर फोकस करने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। खासतौर पर टेक्सटाइल और श्रिंप (झींगा) एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।
यह गिरावट इस खबर के बाद आई कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक द्विदलीय प्रतिबंध विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस विधेयक में रूस के साथ कारोबार जारी रखने वाले देशों पर कड़े आर्थिक कदम उठाने और 500% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस सूची में भारत का नाम भी सामने आने से निवेशकों में चिंता बढ़ गई।
टेक्सटाइल शेयरों में तेज गिरावट
इसके अलावा KPR Mill के शेयर भी 2% से ज्यादा फिसले। वहीं पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज (Pearl Global Industries) में करीब 6% की गिरावट देखी गई।
सीफूड और श्रिंप स्टॉक्स भी लुढ़के
अमेरिका के नए टैरिफ प्रस्ताव के बाद सीफूड और श्रिंप एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियां में भारी बिकवाली देखने को मिली। एपेक्स फ्रोजन फीड्स (Apex Frozen Foods) के शेयर 6% से ज्यादा टूटे। वहीं अवंति फीड्स(Avanti Feeds) के शेयरों में करीब 7% तक की गिरावट देखने को मिली। इन कंपनियों की आमदनी का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। ऐसे में टैरिफ से जुड़ी खबरों का असर सीधा इनके शेयरों पर पड़ा।
500% टैरिफ का प्रस्ताव क्या है?
रिपब्लिकन सीनेटर Lindsey Graham ने कहा कि यह प्रस्तावित बिल उन देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए लाया गया है जो रूस से सस्ता तेल खरीदकर “पुतिन की युद्ध मशीन” को फंड कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के बाद इस विधेयक पर अगले हफ्ते ही कांग्रेस में वोटिंग हो सकती है।
अमेरिकी कांग्रेस की वेबसाइट के अनुसार, इस प्रस्ताव का नाम Sanctioning of Russia Act 2025 है। इसके तहत रूस से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर तो प्रतिबंध होंगे ही। साथ ही रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामान और सेवाओं पर न्यूनतम 500% शुल्क लगाने का भी प्रावधान है। इसके अलावा, राष्ट्रपति को यह अधिकार देने की बात कही गई है कि वे उन देशों पर भी कार्रवाई कर सकें जो रूस से तेल खरीद रहे हैं। इसमें भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों का नाम लिया गया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी असर
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील अभी तक अंतिम रूप नहीं ले पाई है। हाल के महीनों में कई बैठकों और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद इस समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, “मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे संबंध हैं, लेकिन भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे मैं खुश नहीं हूं।” हालांकि भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि रूस से तेल खरीदने का फैसला राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाता है।
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