Memory Stocks Rally: एक हफ्ते में 48% उछला ये मेमोरी स्टॉक, 1 साल में 9 गुना किया पैसा; जानिए इस तूफानी तेजी की वजह – sandisk stock surges 48 percent in 1 week delivers 9 times return in 1 year on ai memory and storage boom



Sandisk stock: पिछले एक साल में अमेरिका शेयर बाजार का सबसे मजबूत और चर्चित हिस्सा टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री का एक पारंपरिक सेगमेंट- स्टोरेज और मेमोरी रहा है। जिस सेक्टर को लंबे समय तक ‘ओल्ड टेक’ माना जाता था, वही अब नई ग्रोथ स्टोरी बनकर उभरा है।

Sandisk बना S&P 500 का स्टार

मेमोरी और स्टोरेज शॉर्टेज वाले माहौल में Sandisk ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 2025 में यह S&P 500 का टॉप परफॉर्मिंग स्टॉक रहा। 2026 में अब तक इसमें करीब 48 फीसदी की तेजी आ चुकी है।

Western Digital ने 2016 में Sandisk को 16 अरब डॉलर में खरीदा था। फरवरी 2025 में इसे अलग कंपनी के तौर पर स्पिन-ऑफ किया गया। स्पिन-ऑफ के समय Sandisk का शेयर 38.50 डॉलर पर लिस्ट हुआ था। कंपनी का वैल्यूएशन 5.6 अरब डॉलर रहा, जो मूल अधिग्रहण कीमत से करीब 65 फीसदी कम था।

लेकिन, महज दस महीनों में Sandisk का मार्केट कैप बढ़कर करीब 40 अरब डॉलर पहुंच गया। स्पिन-ऑफ के समय Sandisk में 1 लाख रुपये लगाने वाला निवेशक आज करीब 9 लाख रुपये की वैल्यू का मालिक होता।

मेमोरी स्टोरेज से बढ़े फोन के दाम

पिछले कुछ महीनों में मेमोरी (RAM, DRAM) और स्टोरेज (NAND) चिप्स की दुनिया भर में कमी आ गई है। क्योंकि AI डेटा सेंटर्स और हाई-एंड मशीनों के लिए इन कंपोनेंट्स की मांग सप्लाई से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इस कारण DRAM और NAND की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है और सप्लाई टाइट हो गई है। इससे स्मार्टफोन निर्माताओं को आवश्यक मेमोरी और स्टोरेज पार्ट्स महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं।

कंपनियों के लिए इन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने का सीधा असर डिवाइस के कुल प्रोडक्शन कॉस्ट पर पड़ता है। यह अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं तक फोन और लैपटॉप की कीमतों में इजाफा के रूप में ट्रांसफर हो रही है। इसी वजह से 2026 में स्मार्टफोन के दाम बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई कंपनियों ने नए के साथ पुराने मॉडल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है।

मेमोरी की कीमतें लगातार ऊपर

Bank of America के एनालिस्ट्स के मुताबिक, Sandisk और अन्य स्टोरेज-सेंट्रिक कंपनियां AI इनफेरेंस और एज AI के बढ़ते इस्तेमाल की सबसे बड़ी लाभार्थी हैं। कंपनियां अब AI ट्रेनिंग, डेटा एनालिटिक्स और रेगुलेटरी कंप्लायंस के लिए पहले से कहीं ज्यादा डेटा स्टोर कर रही हैं। इसका असर ड्रोन, सर्विलांस सिस्टम, वाहनों और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी जैसे कई एप्लिकेशंस में साफ दिख रहा है।

मेमोरी प्राइस लगातार चढ़ रहे हैं। Korea Economic Daily की रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung Electronics और SK Hynix पहली तिमाही में सर्वर DRAM की कीमतें पिछली तिमाही के मुकाबले 60 से 70 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में हैं।

तीन दशक में पहली बार मेमोरी की कमी

इंडस्ट्री रिसर्च फर्म IDC ने मौजूदा हालात को ‘मेमोरी शॉर्टेज क्राइसिस’ बताया है। IDC के मुताबिक, तीन दशकों में यह पहली बार है जब DRAM, NAND और हार्ड डिस्क ड्राइव- तीनों एक साथ सप्लाई की कमी से जूझ रहे हैं। नवंबर में ही NAND वेफर की कीमतें 60 फीसदी उछलीं। जुलाई के बाद से कॉन्ट्रैक्ट प्राइस दोगुनी हो चुकी हैं सप्लायर्स 2026 तक पूरी तरह बुक हैं और 2027 के लिए अलॉटमेंट पर बातचीत चल रही है।

Samsung ने सितंबर से अब तक फ्लैश मेमोरी की कीमतें करीब 60 फीसदी बढ़ाई हैं। Micron ने 2026 तक अपनी लगभग पूरी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी पहले ही बेच दी है। TrendForce का अनुमान है कि 2026 में मेमोरी की मांग 20-22 फीसदी बढ़ेगी। वहीं, सप्लाई ग्रोथ 15-17 फीसदी ही रहेगी।

Nvidia के CEO के बयान से Sandisk में उछाल

6 जनवरी को Sandisk के शेयर 28 फीसदी उछल गए, जो फरवरी के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी थी। यह उछाल तब आया जब CES टेक कॉन्फ्रेंस में Nvidia के CEO Jensen Huang ने मेमोरी और स्टोरेज की अहमियत पर जोर दिया।

Huang ने कहा, ‘स्टोरेज आज पूरी तरह से अनछुआ बाजार है’। उन्होंने यह भी कहा कि यह AI सिस्टम की वर्किंग मेमोरी होने की वजह से दुनिया का सबसे बड़ा स्टोरेज मार्केट बन सकता है।

आगे भी मजबूत रह सकती है स्टोरेज थीम

Bloomberg Intelligence के एनालिस्ट्स के मुताबिक, कड़ी सप्लाई, बढ़ती कीमतें और AI ट्रेनिंग व इनफेरेंस की बढ़ती मांग मिलकर डिजिटल स्टोरेज स्टॉक्स को सपोर्ट कर रही हैं। Sandisk ने पिछले 12 महीनों में NAND मार्केट में अपनी हिस्सेदारी 2 फीसदी बढ़ाई है। वहीं, Samsung, SK Hynix और Kioxia जैसी कंपनियों की हिस्सेदारी घटी है।

मेमोरी सेक्टर क्यों हो रहा था नजरअंदाज

मेमोरी सेक्टर में इनोवेशन की रफ्तार धीमी दिखती थी, यह सेक्टर बूम-बस्ट साइकिल वाला और कम मार्जिन वाला समझा जाता था। निवेशकों का फोकस सॉफ्टवेयर, इंटरनेट और कंज्यूमर ऐप्स जैसी ज्यादा ग्लैमरस टेक पर था। हार्डवेयर होने के कारण इसे बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर माना गया, न कि ग्रोथ इंजन, जबकि क्लाउड के शुरुआती दौर में यह धारणा भी बनी कि स्टोरेज की जरूरत सीमित हो जाएगी। AI और डेटा की मांग बढ़ने से यह सोच अब पूरी तरह बदल चुकी है।

NAND मार्केट क्या है

NAND एक तरह की फ्लैश मेमोरी होती है, जिसमें डेटा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, चाहे डिवाइस बंद ही क्यों न हो। इसे स्टोरेज मेमोरी कहा जाता है और इसका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, SSD, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, डेटा सेंटर्स और AI सिस्टम्स में बड़े पैमाने पर होता है। जब डिजिटल डेटा बढ़ता है, क्लाउड और AI का इस्तेमाल बढ़ता है, तो NAND चिप्स की मांग भी उसी अनुपात में बढ़ जाती है।

NAND मार्केट क्यों चर्चा में है

AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज की बढ़ती जरूरतों की वजह से NAND मार्केट में फिलहाल सप्लाई टाइट है और कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। कंपनियां आने वाले सालों के लिए पहले से बुक हो चुकी हैं, इसी वजह से Sandisk, Samsung, SK Hynix और Micron जैसी मेमोरी कंपनियां निवेशकों के फोकस में बनी हुई हैं।

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 Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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