
Hindustan Zinc Shares: चांदी का उत्पादन करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) के शेयरों में बुधवार 7 जनवरी को दबाव देखने को मिली। कंपनी के शेयर करीब 2 प्रतिशत टूटकर ₹632.60 के स्तर पर आ गए। यह गिरावट चांदी की कीमतों में बुधवार को आई तेज गिरावट के बाद आई। चांदी की कीमतें हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची थी और अब वहां से मुनाफावसूली शुरू हो गई है।
चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी की वायदा कीमतें करीब 3 प्रतिशत गिरकर ₹2,51,729 प्रति किलो पर आ गईं। इससे पहले इसी सत्र में चांदी ने ₹2,59,692 प्रति किलो का नया लाइफटाइम हाई बनाया था। मई एक्सपायरी वाले चांदी का भाव भी 2.5 प्रतिशत फिसलकर ₹2,58,566 प्रति किलो पर आ गया। वहीं जुलाई एक्सपायरी वाले चांदी का भाव करीब 2 प्रतिशत गिरकर ₹2,65,028 प्रति किलो पर कारोबार करता दिखा। कुल मिलाकर, चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 8,000 रुपये प्रति किलो टूट चुकी हैं।
सिल्वर ETF भी दबाव में
चांदी में निवेश करने वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में भी बुधवार को गिरावट देखने को मिली। 360 ONE Silver ETF करीब 2 प्रतिशत टूट गया। वहीं एक्सिस सिल्वर ETF, टाटा सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और HDFC सिल्वर ETF दिन के निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी दिखाते हुए मामूली बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। हालांकि इन सभी ने दिन के शुरुआती तेज उछाल को गंवा दिया।
इसके अलावा निपॉन इंडिया सिल्वर ETF, UTI सिल्वर ETF, ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ETF और जीरोधा सिल्वर ETF भी करीब 0.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े, लेकिन ये भी अपने इंट्राडे हाई से नीचे रहे।
Hindustan Zinc के शेयरों का प्रदर्शन
हालिया गिरावट के बावजूद हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का हालिया प्रदर्शन मजबूत रहा है। बीते 5 कारोबारी दिनों में शेयर करीब 3 प्रतिशत चढ़ा है, जबकि एक महीने में 29 प्रतिशत और छह महीनों में लगभग 45 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
VSRK Capital के अग्रवाल के मुताबिक, चांदी सोने की तुलना में ज्यादा अस्थिर होती है और इसमें कभी-कभी “बबल जैसी” चाल देखने को मिलती है। उनका कहना है कि निवेश की रणनीति तभी बनानी चाहिए जब कीमतें किसी मजबूत सपोर्ट जोन के पास स्थिर हों। वहीं INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी का मानना है कि 2026 के लिए चांदी का मीडियम-टर्म आउटलुक अब भी सकारात्मक बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़ी इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत है और सप्लाई की कमी लंबे समय से बनी हुई है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म में चांदी और सोने की चाल अमेरिकी डॉलर और रियल इंटरेस्ट रेट्स पर निर्भर करेगी। अगर बॉन्ड यील्ड्स बढ़ती हैं तो कीमती धातुओं पर दबाव रह सकता है, जबकि यील्ड्स में नरमी और जोखिम से बचने का सेंटीमेंट इनकी कीमतों को फिर सहारा दे सकती है।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। बसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।