IDBI Bank में सीएसबी बैंक का विलय होता है तो शेयरहोल्डर्स को कितना फायदा होगा? – csb bank merger in idbi bank if this happens how will it be beneficial for both banks shareholders



सीएसबी बैंक के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी रही। बीते एक महीनों से जारी तेजी से बैंक का शेयर ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। सवाल है कि शेयरों में इस तेजी की वजह क्या है? हाल में आए बिजनेस अपडेट्स के मुताबिक, दिसंबर 2025 में लोन ग्रोथ साल दर साल आधार पर 29 फीसदी रही। इसमें गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 46 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ है। सीएसबी बैंक की लोन बुक में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी करीब 48 फीसदी है।

आईडीबीआई बैंक को खरीदने में फायरफैक्स ग्रुप की दिलचस्पी

CSB Bank के शेयरों में तेजी की कुछ और वजहें भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा के बिलियनेयर प्रेम वत्स का फायरफैक्स ग्रुप आईडीबीआई बैंक को खरीदने के लिहाज से एक मजबूत दावेदार है। सरकार ने आईडीबीआई बैंक में विनिवेश की प्रक्रिया अक्तूबर 2022 में शुरू की थी। सरकार आईडीबीआई बैंक में 30.24 फीसदी और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। इसके बाद आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण नए खरीदार के हाथ में चला जाएगा।

सीएसबी बैंक में फायरफैक्स की करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी

सीएसबी बैंक में फेयरफैक्स की करीब 40 फीसदी की नियंत्रणयोग्य हिस्सेदारी है। आरबीआई एक सिंगल प्रमोटर को दो बैकों में नियंत्रणयोग्य हिस्सेदारी रखने की इजाजत नहीं देगा। इसलिए अगर फेयरफैक्स आईडीबीआई बैंक का अधिग्रहण करता है तो आरबीआई के नियमों की वजह से सीएसबी बैंक का विलय आईडीबीआई बैंक में करना पड़ेगा।

आईडीबीआई बैंक में विनिवेश के लिए फाइनेंशियल बिड इनवायट होने हैं

हालांकि, अभी यह (सीएसबी में आईडीबीआई बैंक का विलय) सिर्फ एक अनुमान है। आईडीबीआई बैंक में विनिवेश के लिए फाइनेंशियल बिड अभी इनवायट होने हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि अगर यह विलय होता है तो इसका सीएसबी बैंक और आईडीबीआई बैंक के शेयरहोल्डर्स के लिए क्या मतलब होगा?

सरकार और एलआईसी के पूंजी डालने के बाद IDBI Bank की सेहत अच्छी

IDBI Bank को खरीदने में कई बड़े संस्थानों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सरकार और एलआईसी के बड़ी पूंजी डालने के बाद आईडीबीआई बैंक की सेहत अच्छी हुई है। सरकार ने FY2017-20 के दौरान 18,928 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी। LIC ने इस दौरान आईडीबीआई बैंक में 26,761 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी।

सीएसबी बैंक से 8 गुना बड़ा है आईडीबीआई बैंक

आईडीबीआई बैंक के अधिग्रहण से बैंकिंग सेक्टर में पैठ बढ़ाने की फायरफैक्स की उम्मीदों को पंख लगेंगे। एसेट बेस के हिसाब से आईडीबीआई बैंक का साइज सीएसबी बैंक के 8 गुना से ज्यादा है। अगर दोनों का विलय होता है तो एक बड़ा बैंक वजूद में आएगा, जिसकी लोन बुक 2,50,000 करोड़ रुपये और एसेट साइज 4,50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की होगी।

अभी दो राज्यों में सीएसबी बैंक का ज्यादा ब्रांच नेटवर्क

आईडीबीआई बैंक में विलय से सीएसबी बैंक की पहचान एक रीजनल बैंक से बदलकर एक बड़े बैंक के रूप में हो जाएगी। अभी सीएसबी बैंक का ज्यादा ब्रांच नेटवर्क केरल और तमिलनाडु में है। सीएसबी बैंक के कुल डिपॉजिट में इन दोनों राज्यों की 56 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों की टोटल लोन बुक में 45 फीसदी और गोल्ड लोन बुक में 57 फीसदी हिस्सेदारी है। यह जानकारी सितंबर अंत के डेटा पर आधारित है।

प्रदर्शन के लिहाज से आईडीबीआई बैंक की वैल्यूएशन ज्यादा नहीं

आईडीबीआई बैंक और सीएसबी बैंक के शेयरहोल्डर्स को इस विलय से होने वाला बेनेफिट इस बात पर निर्भर करेगा कि फेयरफैक्स इस डील के लिए कितने पैसे चुकाता है और विलय में स्वैप रेशियो क्या रहता है। अभी आईडीबीआई बैंक के शेयर के 106 रुपये के करेंट मार्केट प्राइस पर इसमें FY27 के अनुमानित बुक वैल्यू के 1.7 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। ट्रेलिंग बुक वैल्यू FY25 में 2.3 गुना थी। बैंक के 2 फीसदी रिटर्न ऑन एसेट को देखते हुए यह वैल्यूएशन सही लगती है। FY25 में का बैंक का रिटर्न ऑन इक्विटी 20 फीसदी रहा है।

दोनों बैंकों के शेयरहोल्डर्स के लिए फायदेमंद हो सकती है यह डील

पब्लिक सेक्टर और कई प्राइवेट बैंकों के मुकाबले आईडीबीआई बैंक के शेयर में प्रीमियम पर ट्रेडिंग हो रही है। सीएसबी बैंक में भी FY27 के अनुमानित बुक वैल्यू के 1.7 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसमें FY25 के ट्रेलिंग बुक वैल्यू के 2.2 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। अगर मौजूदा मार्केट प्राइस पर डील होती है तो यह दोनों बैंकों खासकर सीएसबी बैंक के शेयरहोल्डर्स के लिए फायदेमंद होगा।



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