
Modern Diagnostic IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक चेन चलाने वाली मॉडर्न डाइग्नॉस्टिक एंड रिसर्च सेंटर के शेयरों की आज BSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 376 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹90 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹99.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 10.56% का लिस्टिंग गेन (Modern Diagnostic Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों को तब झटका लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹95.00 (Modern Diagnostic Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.56% मुनाफे में हैं।
Modern Diagnostic IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
मॉडर्न डाइग्नॉस्टिक एंड रिसर्च सेंटर का ₹37 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 376.90 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 193.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 702.08 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 342.46 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 40,99,200 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.69 करोड़ डाइग्नॉस्टिक सेंटर और लैब के लिए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹1.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Modern Diagnostic & Research Centre के बारे में
वर्ष 1985 में बनी मॉडर्न डाइग्नॉस्टिक एंड रिसर्च सेंटर देश में एक डाइग्नॉस्टिक चेन है। यह पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सर्विसेज ऑफर करती है। देश के 8 राज्यों में इसके 18 लैब और 3 डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स हैं, जहां अल्ट्रासाउंड, सीटी, एमआरआई, एक्स-रे, ईसीजी, पीएफटी के साथ-साथ हार्ट और न्यूरो केयर को लेकर खास लैब जैसी डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज मिलती है। यह होम सैंपल कलेक्शन सर्विस भी ऑफर करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹5.73 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जिससे अगले ही वित्त वर्ष 2024 में यह उबरकर ₹5.79 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई जोकि वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹8.97 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 18% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹78.80 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹3.00 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹22.67 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹30.38 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.72 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।