
Pinaka Rocket System: भारत की पिनाका रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम अब बड़े ओवरहॉल और अपग्रेड से गुजरने जा रही है। यह भारतीय सेना की लंबी दूरी की फायरपावर का अहम हिस्सा है। इस कार्यक्रम के लिए Tata Advanced Systems को सप्लाई और तकनीकी सपोर्ट का ऑर्डर मिला है।
भारतीय सेना के साथ मिलकर होगा ओवरहॉल
Tata Advanced Systems के मुताबिक, उसे भारतीय सेना की 510 एडवांस बेस वर्कशॉप (ABW) को सपोर्ट देने का ऑर्डर मिला है। इसके तहत सेवा में मौजूद पहली पीढ़ी की पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) और बैटरी कमांड पोस्ट (BCP) का ओवरहॉल और अपग्रेड किया जाएगा।
यह ऑर्डर नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में औपचारिक रूप से सौंपा गया। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का अहम उदाहरण माना जा रहा है।
तकनीकी विशेषज्ञता और स्पेयर सपोर्ट
इस प्रोग्राम में टाटा अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, सर्टिफाइड स्पेयर्स और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ तालमेल का इस्तेमाल करेगा। इसका मकसद पिनाका सिस्टम की उपलब्धता बनाए रखना और इसका प्रदर्शन उच्च स्तर पर सुनिश्चित करना है।
दो चरणों में पूरा होगा काम
शुरुआती चरण में टाटा और 510 ABW मिलकर कुछ चुनिंदा पिनाका MLRS और BCP का पायलट ओवरहॉल करेंगे। इसके बाद बाकी सिस्टम्स का ओवरहॉल आर्मी की 510 ABW (कोर ऑफ EME) द्वारा किया जाएगा। इस दौरान टाटा जरूरी स्पेयर, क्वालिटी एश्योरेंस और तकनीकी सपोर्ट उपलब्ध कराएगा।
DRDO के साथ मिलकर हुआ विकास
Tata Advanced Systems ने बताया कि पिनाका MLRS को Defence Research and Development Organisation (DRDO) के साथ मिलकर डिजाइन और विकसित किया गया है।
यह एक ऑल-वेदर, इनडायरेक्ट फायर आर्टिलरी सिस्टम है, जो अहम लक्ष्यों पर भारी मात्रा में फायरपावर देने में सक्षम है। पिनाका सिस्टम में करीब 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दिखाती है। बड़ी संख्या में ये सिस्टम पहले से ही भारतीय सेना में तैनात हैं।
पिनाका MLRS क्या है?
पिनाका MLRS एक 8×8 हाई-मोबिलिटी व्हीकल पर आधारित है, जो लेटेस्ट एमिशन नॉर्म्स को पूरा करता है। इसमें ‘शूट-एंड-स्कूट’ क्षमता है। इससे मुश्किल इलाकों में तेजी से तैनाती और बेहतर सुरक्षा मिलती है।
यह माइक्रोप्रोसेसर आधारित ऑल-इलेक्ट्रिक सर्वो ड्राइव और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम से लैस डिजिटल कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करता है। इससे कम समय में सटीक टारगेटिंग मुमकिन हो जाती है।
भविष्य के लिए तैयार सिस्टम
यह सिस्टम Pinaka Mk-I रॉकेट फायर करता है और कम बदलाव के साथ गाइडेड रॉकेट्स और अलग-अलग वॉरहेड्स दागने के लिए तैयार किया गया है।
टाटा ने कहा कि वह DRDO के साथ मिलकर 120 किमी और 300 किमी रेंज वाले नए गाइडेड वेरिएंट्स पर भी काम कर रहा है। इसका मॉड्यूलर डिजाइन और TASL-DRDO सॉफ्टवेयर इसे भविष्य के लिए तैयार बनाते हैं।
पिनाका प्रोग्राम का सफर
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स 1989 से पिनाका MLRS प्रोग्राम में DRDO के साथ जुड़ा हुआ है। कंपनी को 2006 में दूसरे पिनाका रेजिमेंट का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इसके बाद 2016 में रिपीट ऑर्डर और 2020 में छह अतिरिक्त रेजिमेंट्स में से दो का आवंटन भी टाटा को किया गया था।