
एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर 6 जनवरी को बिकवाली का दबाव दिखा। एक समय शेयर 2 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। हालांकि, बाद में यह कुछ हद तक संभलने में कामयाब रहा। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने 5 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों को लेकर बिजनेस अपडेट्स पेश किया था। इससे 5 जनवरी को भी शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी।
HDFC Bank का शेयर 6 जनवरी को 956 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका तीन महीने का सबसे निचला स्तर है। करीब 2 बजे इसका भाव 1.44 फीसदी की कमजोरी के साथ 963.45 रुपये पर चल रहा था। 6 जनवरी को यह सेंसेक्स और निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल था।
एचडीएफसी बैंक ने 5 जनवरी को बताया था कि दिसंबर तिमाही में उसका एवरेज एडवान्सेज अंडर मैनेजमेंट 9 फीसदी बढ़कर 28.64 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 की तीसरी तिमाही में 26.28 लाख करोड़ रुपये था। बैंक का एवरेज डिपॉजिट दिसंबर तिमाही में 12.2 फीसदी बढ़कर 27.52 लाख करोड़ रुपये रहा। कासा डिपॉजिट 9.9 फीसदी बढ़कर 8.18 लाख करोड़ रुपये रहा।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों को खरीदने की अपना सलाह बनाए रखी है। उसने एडवान्सेज की ग्रोथ को अच्छा बताया है। नोमुरा में एनालिस्ट्स का कहना है कि डिपॉजिट ग्रोथ सुस्त रहने से इस तिमाही में बैंक के एडवान्स की ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है। इसकी दूसरी वजह यह है कि बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो दिसंबर तिमाही में 100 फीसदी के करीब पहुंच गया है।
एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते 5 दिनों में 3 फीसदी गिरा है। बीते एक महीने में यह 4 फीसदी गिरा है। बीते एक साल में ह 12.5 फीसदी चढ़ा है। बीते पांच सालों में ह 34 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 2022 में एचडीएफसी बैंक में होम लोन कंपनी एचडीएफसी के विलय का ऐलान हुआ था। इसके बाद यह देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक बन गया है।