Share Market Falls: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम, सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी भी 26,200 के नीचे – why share market down today 5 big reasons sensex falls 500 points nifty slips below 26200



Share Market Falls: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 6 जनवरी को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 500 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 26,150 के भी नीचे चला गया। हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को कमजोर किया। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाए जाने के बयानों से भी निवेशक सतर्क दिखाई दिए। सबसे अधिक गिरावट ऑयल एंड गैस और एनर्जी शेयरों में देखने को मिली।

सुबह करीब 11:30 बजे, बीएसई सेंसेक्स 478 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 84,963.09 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी-50 इंडेक्स 106.95 अंक या 0.41 प्रतिशत फिसलकर 26,143.35 पर आ गया। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

1. दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली के कारण देखा गया। बेंचमार्क इंडेक्सों का सबसे बड़ा स्टॉक HDFC Bank करीब 2 प्रतिशत गिर गया। पिछले दो कारोबारी दिनों में यह शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने इस शेयर में मुनाफावसूली की। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में भी गिरावट देखने को मिली।

2. टैरिफ को लेकर चिंता

ग्लोबल व्यापार से जुड़ी चिंताएं एक बार फिर बाजार पर हावी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो भारत पर टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं। इस बयान से निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और बाजार में सतर्कता का माहौल बन गया।

3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को करीब 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। भले ही यह आंकड़ा बहुत बड़ा न हो, लेकिन लगातार हो रही विदेशी बिकवाली बाजार के सेंटीमेंट पर नेगेटिव असर डालती है और लिक्विडिटी कम करती है। जनवरी के पहले तीन कारोबारी दिन में विदेशी निवेशक 3,000 करोड़ से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं।

4. भू-राजनीतिक तनाव

ग्लोबल स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने भी बाजार को दबाव में रखा। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अस्थिरता बढ़ी है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वी के विजयकुमार ने कहा, “अभूतपूर्व भू-राजनीतिक घटनाओं से पैदा हुई अनिश्चितता निवेशकों के लिए सतर्क रुख अपनाने का संकेत देती है। ऐसे माहौल में ज्यादा कैश होल्डिंग रखना बेहतर हो सकता है, ताकि अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव का फायदा उठाया जा सके।”

5. बाजार में बढ़ती अस्थिरता

शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला इंडेक्स, इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) मंगलवार को 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। यह लगातार तीसरा दिन है जब इंडिया VIX में तेजी आई है। महज तीन दिनों में इसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स से यह संकेत मिलता है कि निवेशक आने वाले दिनों में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं।

टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि निफ्टी इस समय सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी तौर पर निफ्टी 50 अभी एक बड़े दायरे में बना हुआ है, लेकिन रुझान थोड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी को 26,100–26,150 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर इसे 26,400–26,450 के आसपास रेजिस्टेंस मिल सकता है।

शाह ने कहा कि अगर निफ्टी इस रेजिस्टेंस को मजबूती से पार कर लेता है, तो यह 26,500 या उससे ऊपर जा सकता है। लेकिन अगर ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया, तो बाजार फिर से सीमित दायरे में ही घूम सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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