
Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 5 जनवरी को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। सेंसेक्स करीब 400 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 26,250 के नीचे चला गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया।
दोपहर 2:15 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 403.68 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,358.33 पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 103.60 अंक या 0.39 प्रतिशत फिसलकर 26,224.95 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले दिन के कारोबार में सेंसेक्स 85,883.50 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा था, जबकि निफ्टी ने नया ऑल-टाइम हाई 26,373.20 छू लिया था।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 3 मुख्य कारण रहे-
1. आईटी शेयरों में बिकवाली
आईटी सेक्टर में सबसे अधिक कमजोरी देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक टूट गया। इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। विप्रो, HCL टेक और इंफोसिस में 3 प्रतिशत तक की गिरावट आई। निवेशकों को अमेरिकी बाजार से जुड़े जोखिमों और नई अतिरिक्त टैरिफ की आशंका सता रही है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भी भारत के आईटी सेक्टर पर सतर्क रुख अपनाते हुए निवेशकों को एक्सपोजर घटाने की सलाह दी है। उसका कहना है कि आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रह सकते हैं।
2. ट्रंप की नई टैरिफ धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि भारत अभी भी रूस से तेल खरीद रहा है, जिसे लेकर अमेरिका खुश नहीं है और जरूरत पड़ी तो भारत पर टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं। निवेशकों का मानना है कि ऐसे बयानों से अनिश्चितता बढ़ती है और जोखिम लेने का सेंटीमेंट कमजोर होता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ हुई है, जिनका ग्लोबल बाजारों पर गहरा असर पड़ सकता है।
3. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में दिखा। शुरुआती कारोबार में यह 4 पैसे कमजोर होकर 90.24 पर आ गया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक ग्लोबल तनाव और डॉलर की मांग के चलते रुपये पर दबाव बना रह सकता है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिल सकती है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि शुक्रवार को ऊपरी बोलिंजर बैंड के पास मजबूत क्लोजिंग से तेजी के संकेत मिले थे, लेकिन ऊंचा वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) आने वाले समय में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। उनके मुताबिक निफ्टी के लिए 26,380 और 26,450–26,550 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 26,288 के आसपास सपोर्ट देखने को मिल सकता है।
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