
Market trend : निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी के साथ बाजार लाइफ हाई पर दिख रहा है। निफ्टी 40 प्वाइंट की बढ़त के साथ 26350 के ऊपर टिका हुआ है। बैंक निफ्टी में करीब 200 प्वाइंट की मजबूती दिख रही है। मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी निचले स्तरों से रिकवरी आई है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX करीब 7 फीसदी उछला है। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो IT शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिख रही है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब दो फीसदी फिसला है। 3 फीसदी की गिरावट के साथ इंफोसिस और HCL TECH निफ्टी के टॉप लूजर्स बने हैं। वहीं कैपिटल मार्केट शेयरों में भी नरमी है। दूसरी ओर डिफेंस शेयरों में जोरदार तेजी है। निफ्टी का डिफेंस इंडेक्स करीब 2.25 फीसदी चढ़ा है। साथ ही रियल्टी, सरकारी बैंकों और ऑटो में भी रफ्तार देखने को मिल रही है।
निफ्टी का बाहुबली रिलायंस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचता दिखा है। इसने करीब 18 महीने के बाद नया शिखर छुआ है। इसका भाव 1600 रुपए के पार निकल गया है। कंपनी का मार्केट कैप भी 22 लाख करोड़ के करीब दिख रहा है। वेनेजुएला मुद्दे के चलते स्टॉक को सपोर्ट मिला है। वायदा में आने के चंद दिनों बाद ही प्रीमियर एनर्जी और वारी एनर्जीज में तगड़ी बिकवाली आई है। प्रीमियर एनर्जी 8% टूटकर वायदा का टॉप लूजर, वारी एनर्जीज भी 5% से ज्यादा गिरा है।
बाजार में अब क्या हो रणनीति
चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे का कहना है कि घरेलू टेक्निकल इंडिकेटर्स में सुधार के कारण बाज़ार का सेंटिमेंट सावधानी से आशावादी बना हुआ है। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार की दिशा ग्लोबल इक्विटी संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इंस्टीट्यूशनल फंड फ्लो से प्रभावित होती रहेगी। पिछले कारोबारी दन निफ्टी ऊपर खुला और बढ़त बनाए रखी, जो मज़बूत तेज़ी के संकेत है। इंडेक्स ने 26,200 पर अहम रेजिस्टेंस को पार किया, पिछले ऑल-टाइम हाई 26,325 को तोड़ा और 26,328 पर बंद हुआ, जिससे ट्रेंड जारी रहने की पुष्टि हुई। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 26,450–26,500 पर है और सपोर्ट 26,150–26,200 पर है। RSI 62.39 पर बढ़ रहा है और डेरिवेटिव्स में 26,200 पुट का भारी जमाव दिख रहा है। निफ्टी में 26,150 के स्टॉप लॉस के साथ 26,200 से ऊपर गिरावट पर खरीदें।
2 जनवरी को बैंक निफ्टी भी मज़बूती से खुला और 60,203 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया, जो बैंकिंग शेयरों में ज़बरदस्त खरीदारी और पॉजिटिव सेंटिमेंट को दिखाता है। यह चाल मज़बूत इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट और लगातार फॉलो-थ्रू खरीदारी का संकेत देती है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 60,400–60,500 पर है, जबकि 59,800–59,900 पर सपोर्ट है। डेली RSI 67.55 पर बढ़ रहा है, जो मज़बूत मोमेंटम का संकेत देता है। ट्रेडर्स को बुलिश नज़रिया बनाए रखना चाहिए और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ ‘बाय-ऑन-डिप्स’ स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए।
खास बात यह है कि लगातार आठ सेशन तक बिकवाली के बाद, FIIs 2 जनवरी को नेट खरीदार बन गए और उन्होंने 289 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि DIIs ने उसी दिन 677 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे।
चल रही ग्लोबल अनिश्चितता के बीच, ट्रेडर्स को सिलेक्टिव और अनुशासित रहना चाहिए और गिरावट पर क्वालिटी स्टॉक्स पर ध्यान देना चाहिए। नई लॉन्ग पोजीशन तभी लेने की सलाह दी जाती है जब 26,400 के लेवल से ऊपर एक कन्फर्म और लगातार ब्रेकआउट हो।
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