US Attacks Venezuela: सोमवार को कच्चे तेल समेत इन एसेट क्लास में दिख सकता है जबरदस्त उतारचढ़ाव – us land strikes on venezuela various asset classes from crude oil prices to precious metals may see a strong reaction



2026 की शुरुआत में जियोपॉलिटिकल तनाव फिर से बढ़ रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर जमीनी हमले किए हैं और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया है। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में आपराधिक आरोप तय किए गए हैं और उन्हें आरोपों का सामना करने के लिए शहर लाया गया है।

इस कदम का असर कच्चे तेल की कीमतों से लेकर कीमती धातुओं तक कई एसेट क्लास पर पड़ सकता है। वेनेजुएला के पास न सिर्फ तेल का बड़ा भंडार है, बल्कि सोना और कीमती धातुओं की भी अच्छी-खासी मौजूदगी है।

कच्चा तेल

पिछले महीने ही तेल की कीमतें 4 साल के निचले स्तर पर आ गई थीं। लेकिन जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ अपनी बयानबाजी तेज की, चीन और ताइवान जैसे दूसरे इलाकों में भी तनाव बढ़ा, तो कीमतें फिर से बढ़ने लगीं। शुक्रवार को बाजार बंद होने तक ब्रेंट क्रूड 60 डॉलर के निशान से ऊपर था, लेकिन यह लगातार 3 दिनों से गिर रहा है। इसके सोमवार सुबह ट्रेडिंग शुरू होने पर गिरने की सबसे ज्यादा संभावना है।

वेनेजुएला के पास कच्चे तेल का सबसे बड़ा भंडार है, लेकिन इस देश पर लगाए गए कई प्रतिबंधों के कारण इसकी सप्लाई सीमित है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने 2026 में सप्लाई में बड़ी कमी की चेतावनी भी दी है, फिर भले ही OPEC+ नए साल में उत्पादन कम करने का फैसला करे।

सोना और चांदी

जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने पर निवेशक हमेशा रिस्क एसेट्स से निकलकर सोने जैसे सेफ एसेट्स में निवेश बढ़ाते हैं। सोने की कीमतों के लिए 1979 के बाद 2025 सबसे अच्छा साल रहा। बीते साल सोने की कीमतें लगभग 70 प्रतिशत बढ़ गईं। अब अमेरिकी हमलों के बाद सोना फिर से चर्चा में आएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला के पास दक्षिण अमेरिकी देशों में सोने का सबसे बड़ा भंडार है और इसमें 161 मीट्रिक टन सोना है। इसकी मौजूदा कीमत लगभग 22 अरब डॉलर हो सकती है। सोने के साथ-साथ चांदी में भी अमेरिका के नए कदम से प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

अमेरिकी डॉलर

अमेरिकी डॉलर भी सोमवार को फोकस में रहेगा। 2025 इसके लिए 2017 के बाद सबसे खराब साल रहा। मजबूत अमेरिकी डॉलर आम तौर पर भारत की करेंसी रुपये और धातुओं के लिए नेगेटिव होता है।

अमेरिकी हमलों से वॉल स्ट्रीट पर बड़ा रिएक्शन देखने को मिल सकता है क्योंकि इस मामले में अमेरिका सीधे तौर पर एक संघर्ष में शामिल है। 2025 में रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल-ईरान युद्ध में ऐसा नहीं था। वॉल स्ट्रीट पर संभावित निगेटिव रिएक्शन का असर दूसरे ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स पर भी पड़ेगा।



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