
Market outlook 2026 : पीएल एसेट मैनेजमेंट में हेड– क्वांट इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी और फंड मैनेजर सिद्धार्थ वोरा के अनुसार, 2026 में 10 प्रतिशत की रैली या उससे भी ज़्यादा ग्रोथ हासिल करना संभव लग रहा है। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि इसे कम बेस पर अर्निंग में बेहतर ग्रोथ, मज़बूत घरेलू लिक्विडिटी, न्यूट्रल वैल्यूएशन और नए डिमांड के ट्रिगर्स से बाजार को अच्छा सपोर्ट मिलेगा।
दिसंबर तिमाही के अर्निंग्स साइकिल में डाउनग्रेड की तुलना में अपग्रेड होंगे काफ़ी ज़्यादा
उनका मानना है कि अगले हफ़्ते शुरू होने वाले दिसंबर तिमाही के अर्निंग्स साइकिल में डाउनग्रेड की तुलना में अपग्रेड काफ़ी ज़्यादा होंगे। असल में, यह ज़्यादा टिकाऊ अर्निंग्स अपग्रेड साइकिल की शुरुआत हो सकती है।
2026 में 10 प्रतिशत की रैली या उससे भी ज़्यादा ग्रोथ हासिल करना संभव
सरकारी कैपेक्स की अच्छी संभावना दिख रही है। प्राइवेट सेक्टर की बैलेंस शीट ज़्यादा हेल्दी है और क्रेडिट ग्रोथ स्थिर बनी हुई है। ऐसे में अगर प्राइवेट कैपेक्स और कंजम्पशन में तेज़ी बनी रहती है तो एग्जीक्यूशन से होने वाले फायदों से और भी ग्रोथ हो सकती है। 2026 में 10 प्रतिशत की रैली या उससे भी ज़्यादा ग्रोथ हासिल करना संभव लग रहा है। बाजार को कम बेस पर अर्निंग में बेहतर ग्रोथ, मज़बूत घरेलू लिक्विडिटी, न्यूट्रल वैल्यूएशन और नए डिमांड के ट्रिगर्स से अच्छा सपोर्ट मिलेगा।
रियल एस्टेट और पेंट सेक्टर में होंगे स्टॉक-स्पेसिफिक मौके
क्या आप 2026 के लिए रियल एस्टेट और पेंट सेक्टर को लेकर बुलिश हैं? इसके जवाब में सिद्धार्थ वोरा ने कहा कि अनुकूल ब्याज दरें और कच्चे तेल की स्थिर कीमतें दोनों इस सेक्टरों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। हालांकि, कॉम्पिटिशन बहुत ज़्यादा है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। नतीजतन, पूरे सेक्टर के बजाय स्टॉक-स्पेसिफिक मौके ज़्यादा रहेंगे। ऐसी कंपनियों पर फोकस होना चाहिए जिनमें एग्जीक्यूशन की मजबूत क्षमता हो, जिनकी बैलेंस शीट मजबूत हो और जिनका प्राइसिंग डिसिप्लिन पर फोकस हो।
IT और केमिकल्स 2026 के लिए उनके कॉन्ट्रेरियन दांव
नए साल के लिए आपकी कॉन्ट्रेरियन बेट क्या हैं? इस पर बात करते हुए सिद्धार्थ वोरा ने कहा कि IT और केमिकल्स 2026 के लिए उनके कॉन्ट्रेरियन दांव हैं। ग्लोबल मंदी की चिंताओं और प्राइसिंग प्रेशर के कारण 2025 में दोनों सेक्टरों ने खराब प्रदर्शन किया। जैसे-जैसे डिमांड स्थिर होगी और लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स के मुकाबले वैल्यूएशन आकर्षक बने रहेंगे, इन सेक्टरों की चुनिंदा कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
ग्रोथ के नज़रिए से न्यू एज डिजिटल कंज्यूमर कंपनियों का आउटलुक अच्छा
क्या आप 2026 के लिए न्यू एज डिजिटल कंज्यूमर कंपनियों को लेकर पॉजिटिव हैं? इस पर अपनी राय देते हुए सिद्धार्थ वोरा ने कहा कि ग्रोथ के नज़रिए से इन कंपनियों का आउटलुक अच्छा बना हुआ है। डिजिटल अपनाने का चलन बढ़ता जा रहा है। इसका इनको फायदा मिलेगा। हालांकि, वैल्यूएशन और फाइनेंशियल डिसिप्लिन के नज़रिए से इनको लेकर सावधानी बरतने की ज़रूरत है। मार्केट तेज़ी से प्रॉफिटेबिलिटी, कैश फ्लो जेनरेशन और सस्टेनेबल यूनिट इकोनॉमिक्स को अहमियत दे रहा है, जो इस सेक्टर में बड़ा गैप पैदा करने वाले फैक्टर होंगे।
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