
साल 2025 खत्म हो गया है और नए साल की शुरुआत हो चुकी है। 2025 में हेडलाइन इंडेक्स ज्यादातर रेंजबाउंड रहे। भारत के प्राइमरी मार्केट ने सबका ध्यान खींचा, कंपनियों ने 365 से ज्यादा IPOs के जरिए रिकॉर्ड 1.95 लाख करोड़ रुपये जुटाए। इसके चलते बीता साल लिस्टिंग के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा कैलेंडर ईयर बन गया। इस बीच घरेलू लिक्विडिटी ने एक निर्णायक भूमिका निभाई। म्यूचुअल फंड्स ने IPOs में लगभग 23,000 करोड़ रुपये का निवेश किया।
वहीं सेकेंडरी मार्केट में डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखी। FIIs यानि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने वैल्यूएशन, कमाई में गिरावट और ग्लोबल रेट की अनिश्चितता के दबाव में 1.58 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की। यह उनकी तरफ से अब तक की रिकॉर्ड सेलिंग है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदार बने रहे।
इक्विटी में म्यूचुअल फंड्स का निवेश साल के लिए 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। SIP फ्लो नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। मंथली इनफ्लो 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा और SIP AUM 15 लाख करोड़ रुपये से ऊपर चला गया।
इन सबको देखते हुए मनीकंट्रोल आपके लिए 2025 की A से Z तक की बातों को याद रखने के लिए एक गाइड लाया है। इस गाइड में मीम्स, गाने और फिल्में शामिल हैं। इन्हें निवेशक सबसे बड़े मार्केट मूवर्स और शेकर्स से जोड़ सकते हैं और मार्केट के अलग-अलग सेगमेंट्स की बीते साल की घटनाओं को याद रख सकते हैं…
साल के आखिरी दिन कैसी रही बाजार की चाल
साल 2025 के आखिरी कारोबारी सत्र में बुधवार, 31 दिसंबर को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 545.52 अंक या 0.64 प्रतिशत उछलकर 85,220.60 पर बंद हुआ। निफ्टी 190.75 अंक या 0.74 प्रतिशत चढ़कर 26,129.60 पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स लगातार 5 ट्रेडिंग सेशंस और निफ्टी लगातार 4 ट्रेडिंग सेशंस में गिरा था। साल 2025 में सेंसेक्स 7,081.59 अंक या 9 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 2,484.8 अंक या 10.50 प्रतिशत चढ़ा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।