Vodafone Idea Shares: सरकार से AGR पर मिली राहत, फिर भी स्टॉक 20% तक क्रैश; जानिए वजह – vodafone idea shares crash after agr relief cabinet decision stock falls below fpo price investor worries persist



Vodafone Idea Shares: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea Ltd) के शेयरों में बुधवार, 31 दिसंबर को तेज बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक अपने इंट्राडे हाई से करीब 20% तक टूट गया। दिन के निचले स्तर पर यह अपने FPO प्राइस ₹11 से भी नीचे चला गया। यह गिरावट ऐसे समय आई, जब कंपनी के लिए AGR से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई थी।

दोपहर 2.40 बजे तक वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea Share price) 15.01%की गिरावट के साथ 10.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था। जबकि सरकार का फैसला आने से पहले इसने इंट्राडे में 12.80 का हाई बनाया था।

कैबिनेट से AGR राहत पैकेज को मंजूरी

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने Vodafone Idea के लिए AGR राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज के तहत AGR भुगतान पर पांच साल का मोरेटोरियम दिया गया है। इससे कंपनी को तुरंत नकदी दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।

राहत उपायों के तहत Vodafone Idea के कुल ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये को फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है। इससे कंपनी की पहले से तनावग्रस्त बैलेंस शीट को बड़ी राहत मिली है।

FY32 से FY41 के बीच होगा भुगतान

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फ्रीज किए गए ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये का भुगतान FY32 से FY41 के बीच रीशेड्यूल किया जाएगा। इन बकायों का दोबारा आकलन डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस ऑडिट रिपोर्ट्स के आधार पर करेगा।

हालांकि, FY18 और FY19 से जुड़े AGR बकाये Vodafone Idea को अगले पांच साल में चुकाने होंगे।

पहले से ही भारी AGR बोझ

Vodafone Idea लंबे समय से भारी बकाया संकट से जूझ रही है। कंपनी पर कुल AGR देनदारी करीब ₹83,400 करोड़ बताई जाती है। कमजोर बैलेंस शीट के कारण बैंक कर्ज देने से हिचक रहे हैं।

कंपनी बार-बार यह कह चुकी है कि समय पर फंडिंग सपोर्ट उसके वजूद के लिए बेहद जरूरी है।

Vodafone Idea के देशभर में करीब 19.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। कंपनी 18,000 से ज्यादा कर्मचारियों को रोजगार देती है।

सुप्रीम कोर्ट से पहले भी मिली थी राहत

कुछ हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को Vodafone Idea के सभी बकायों की FY17 तक दोबारा जांच और रिकंसिलिएशन की अनुमति दी थी। इसमें ब्याज और पेनल्टी भी शामिल हैं। इस फैसले को कंपनी के लिए बड़ी राहत माना गया था।

सितंबर में मांगी थी ₹9,450 करोड़ की छूट

सितंबर में Vodafone Idea ने DoT से ₹9,450 करोड़ की AGR डिमांड पर ब्याज और पेनल्टी माफ करने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि इस रकम का बड़ा हिस्सा FY17 से पहले की अवधि से जुड़ा है, जिसे 2020 में सुप्रीम कोर्ट पहले ही सेटल कर चुका है।

इस डिमांड में से ₹2,774 करोड़ पोस्ट-मर्जर देनदारी थी, जबकि ₹5,675 करोड़ प्री-मर्जर Vodafone Group से जुड़ी थी।

सरकार बनी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर

मार्च 2025 में सरकार ने Vodafone Idea के ₹36,950 करोड़ के बकायों को इक्विटी में बदल दिया, जिससे उसकी हिस्सेदारी बढ़कर करीब 49% हो गई। इससे पहले 2023 में भी सरकार ने ₹16,000 करोड़ से ज्यादा के वैधानिक बकायों के बदले कंपनी में 33% हिस्सेदारी ली थी।

राहत के बावजूद निवेशकों की चिंता क्यों

AGR पर बड़ी राहत के बावजूद शेयरों में आई तेज गिरावट यह दिखाती है कि निवेशक अब भी Vodafone Idea के भविष्य के बारे में चिंतित हैं। खासकर, लंबी अवधि की वित्तीय स्थिति, फंडिंग व्यवस्था और कैश फ्लो को लेकर। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि यह राहत कंपनी की हालत को कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से संभाल पाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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