SEBI भी हैरान! किराना दुकान चलाने वाला निकला ‘रिसर्च एनालिस्ट’, निवेशकों को लगा लाखों का चूना; जानिए क्या है पूरा मामला – sebi shocker grocery shop owner turned fake research analyst investors lost lakhs registration cancelled full case explained



शेयर मार्केट से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) को भी हैरान कर दिया है। SEBI ने ऐसे तथाकथित रिसर्च एनालिस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द किया है, जिसका शेयर बाजार से कोई लेना-देना नहीं था। वह तमिलनाडु के मदुरै में रहता था और एक छोटी सी किराना दुकान चला रहा था।

नमकीन-राशन बेच रहा था ‘रिसर्च एनालिस्ट’

SEBI ने पुरूस्खान (Purooskhan) नाम के व्यक्ति का रिसर्च एनालिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। कागजों में वह SEBI से अप्रूव्ड रिसर्च एनालिस्ट था, लेकिन हकीकत में वह रोजमर्रा का सामान, स्नैक्स और किराना बेचने का काम कर रहा था।

सुनवाई में ही खुल गई पूरी सच्चाई

SEBI की क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटी संतोष कुमार शुक्ला ने अपने आदेश में कहा कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान यह साफ हो गया कि नोटिसी को सिक्योरिटीज मार्केट की कोई समझ नहीं है।

उन्होंने लिखा कि वह एक छोटी सी दुकान चलाता है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान और स्नैक्स बेचता है। ऐसे में यह समझ से बाहर है कि उसके पास रिसर्च एनालिस्ट का रजिस्ट्रेशन कैसे था।

खुद नोटिसी ने भी मानी ये बात

आदेश में यह भी दर्ज किया गया कि नोटिसी ने खुद स्वीकार किया कि वह छोटा सा व्यवसाय चला रहा है। किसी भी तरह की रिसर्च एनालिस्ट एक्टिविटी नहीं करता। इन फैक्ट के आधार पर SEBI ने उसका रिसर्च एनालिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला लिया।

आखिर क्या है पूरा मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत जून 2022 में हुई थी, जब SEBI को अपने SCORES प्लेटफॉर्म पर www.optionresearch.in नाम की वेबसाइट के खिलाफ शिकायत मिली। यह वेबसाइट निवेशकों को पक्के मुनाफे के कॉल, जीरो रिस्क का दावा, और पैसा दोगुना करने जैसी गारंटी दे रही थी।

निवेशक को 4 लाख का नुकसान

शिकायतकर्ता ने इस वेबसाइट को ₹50,000 फीस दी थी और इसकी सेवाएं ली थीं। लेकिन बाद में उसे करीब ₹4 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद मामला सीधे SEBI तक पहुंचा।

शिकायत मिलने के बाद SEBI ने जांच शुरू की और पुरूस्खान को नोटिस भेजा। पुरूस्खान ने रेगुलेटर को बताया कि उसका SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है और उसका इस वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है।

उसने यह भी बताया कि उसने 27 सितंबर 2022 को तमिलनाडु पुलिस में और 11 अक्टूबर 2022 को साइबर सेल में Option Research Consultancy के खिलाफ ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी।

वेबसाइट पर था SEBI रजिस्ट्रेशन

हालांकि SEBI की जांच में सामने आया कि Option Research Company (ORC) की वेबसाइट कई पेड इनवेस्टमेंट एडवाइजरी पैकेज बेच रही थी। वेबसाइट खुद को SEBI से सर्टिफाइड बता रही थी और उस पर पुरूस्खान का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ तौर पर दिखाया गया था।

SEBI ने अपने शो-कॉज नोटिस में आरोप लगाया कि पुरूस्खान ने ORC को अपना रजिस्ट्रेशन डिटेल इस्तेमाल करने दिया। अपना ईमेल आईडी और पासवर्ड भी साझा किया।

नौकरी का झांसा देकर लिया गया था डेटा?

बाद में पुरूस्खान ने दावा किया कि ORC के एक पार्टनर G Faheeth Ali ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर उससे संपर्क किया था।

उसने रिसर्च एनालिस्ट की नौकरी का झांसा देकर उसके सर्टिफिकेट और निजी दस्तावेज ले लिए, जिनका बाद में गलत इस्तेमाल किया गया। SEBI की जांच शुरू होने के बाद ORC ने उसे एक अपॉइंटमेंट लेटर भी भेजा। इसमें उसे कंप्लायंस ऑफिसर बताकर ट्रेडिंग कॉल देने का अधिकार दिया गया था। पुरूस्खान का कहना था कि उसने यह ऑफर ठुकरा दिया।

पहले राहत मिली, लेकिन बाद में सख्ती

इस मामले में पहले एक आदेश में एडीज्यूडिकेटिंग ऑफिसर ने पुरूस्खान को संदेह का लाभ देते हुए कोई जुर्माना नहीं लगाया था और केस बंद कर दिया गया था।

लेकिन अगस्त में आए एक अन्य आदेश में ₹30.39 लाख की रिफंड, दो साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंध और संबंधित संस्थाओं पर ₹6-6 लाख का जुर्माना लगाया गया था।

अब SEBI ने पूरी तरह लाइसेंस रद्द किया

इस बार SEBI ने सख्त रुख अपनाते हुए पुरूस्खान का रिसर्च एनालिस्ट रजिस्ट्रेशन पूरी तरह रद्द कर दिया। इसके साथ ही ‘किराना दुकान वाला रिसर्च एनालिस्ट’ का यह अजीब लेकिन गंभीर मामला आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया।

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