
Stock Market Today : शुक्रवार, 26 दिसंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लाल निशान में बंद हुए हैं। किसा नए ट्रिगर्स की कमी और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच निवेशक बिकवाली के मूड में रहे। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 367 अंक या 0.43% की गिरावट के साथ 85,041.45 पर और निफ्टी 100 अंक या 0.38% गिरकर 26,042.30 पर बंद हुए। BSE मिडकैप इंडेक्स 0.18% कमजोर हुए, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.34% की गिरावट देखने को मिली। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹475 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹474 लाख करोड़ हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सेशन में लगभग ₹1 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
वीकली बेसिस पर देखें तो 26 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में, सेंसेक्स 112 अंक या 0.13% ऊपर चढ़ा, जिससे दो हफ़्ते की गिरावट थम गई। निफ्टी 50 भी वीकली बेसिस पर 0.30% ऊपर चढ़ा, जिससे इसकी तीन हफ़्ते से चल रही गिरावट रुक गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए ट्रिगर्स के अभाव और साल के आखिर में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने के कारण निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणाएं शुरू होने तक घरेलू बाज़ार दायरे में रहेगा। TCS और HCL टेक 12 जनवरी को अपने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे घोषित करेंगे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार आज गिरावट लेकर बंद हुए हैं। साल के आखिर में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम था और आने वाले नतीजों से पहले सतर्क माहौल के कारण बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग हुई। नायर ने आगे कहा कि सैंटा क्लॉज़ रैली को लेकर उम्मीदें कम हो गई हैं। किसी नए ट्रिगर के अभाव और FII की तरफ से हो रही बिकवाली के चलते भारतीय रुपये पर दबाव पड़ा है।
29 दिसंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
टेक्निकल फ्रंट पर देखें तो जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि निफ्टी पर 26,100 का लेवल लगातार दूसरे सेशन में एक अहम डाउनसाइड मार्कर बना रहा। उन्होंने बताया कि “इवनिंग स्टार” कैंडलस्टिक पैटर्न बनने से 25,935–25,850 ज़ोन की ओर और गिरावट की संभावना है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि 26,325 से ऊपर जाने पर 26,550–26,850 रेंज की ओर बढ़त का रास्ता खुल सकता है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि 25,950-25,900 का ज़ोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी 25,900 के लेवल से नीचे जाता है तो यह और कमजोर होकर 25,800 के लेवल तक जा सकता है। उसके बाद इसमें 25,600 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। ऊपर की तरफ 26,200-26,250 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम करेगा।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के मुताबिक निफ्टी आवरली चार्ट पर 21 EMA से नीचे फिसल गया है, जो हाल के सेशन में दो दिनों के रेंजबाउंड फेज के बाद बेयरिश दांव में बढ़ोतरी का संकेत है। RSI बेयरिश क्रॉसओवर में है और नीचे की ओर ट्रेंड कर रहा है,जो मोमेंटम कमजोर होने का संकेत है।
आज के सेशन के दौरान, निफ्टी को 26,000 के लेवल के पास सपोर्ट मिला, जहां अभी 21 EMA है। शॉर्ट टर्म में, अगर 26,000 का लेवल बना रहता है, तो ट्रेंड में सुधार हो सकता है और यह 26,200 और उससे ऊपर जा सकता है। हालांकि, अगर 26,000 से नीचे की गिरावट होती है, तो मार्केट में और कमजोरी आ सकती है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।