
Nifty 500 Index: साल 2025 शेयर बाजार के लिए काफी उतार चढ़ाव वाला रहा, खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में। जहां बेंचमार्क इंडेक्स नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे, वहीं ब्रॉडर मार्केट में कई शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान दिया। इसी कड़ी में Nifty 500 इंडेक्स के कुछ शेयर ऐसे रहे, जिन्होंने एक साल में बड़ी गिरावट दर्ज की।
Aditya Birla Fashion and Retail
2025 में Nifty 500 इंडेक्स का सबसे बड़ा लूजर Aditya Birla Fashion and Retail रहा। पिछले एक साल में इस शेयर ने निवेशकों की 72 प्रतिशत से ज्यादा वैल्यू मिटा दी।
मई 2025 में कंपनी का डिमर्जर हुआ, जिसके तहत इसे दो अलग अलग लिस्टेड इकाइयों में बांटा गया। एक नई ABFRL बनी और दूसरी Aditya Birla Lifestyle Brands यानी ABLBL। डिमर्जर के बाद शेयरहोल्डर्स को हर एक ABFRL शेयर के बदले एक ABLBL शेयर मिला।
इस लिस्ट में दूसरा नाम टाटा ग्रुप के Tejas Networks का है। पिछले 12 महीनों में यह शेयर करीब 63 प्रतिशत टूट चुका है। बीते छह महीनों में इसमें 35 प्रतिशत और पिछले एक महीने में 6.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
एक महीने पहले Bharti Airtel ने Tejas Networks के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। Airtel का आरोप था कि कंपनी के सब स्टैंडर्ड इक्विपमेंट की वजह से राजस्थान सर्कल में उसके नेटवर्क में इंटरफेरेंस हो रहा है। इसके अलावा Q1 FY25 में कंपनी को 193.9 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में 77.5 करोड़ रुपये का मुनाफा था।
भाविश अग्रवाल की Ola Electric Mobility साल 2025 में लगातार सुर्खियों में रही, लेकिन कारण ज्यादातर नेगेटिव रहीं। सोशल मीडिया पर विवादों के साथ साथ प्रमोटर्स के शेयर बेचने की खबरों ने भी स्टॉक पर दबाव बनाया।
पिछले एक साल में Ola Electric के शेयर करीब 62.4 प्रतिशत गिर चुके हैं। कंपनी के शेयर 9 अगस्त को 76 रुपये पर लिस्ट हुए थे, जो इसके 75 रुपये के इश्यू प्राइस के करीब था। IPO 2 अगस्त से 6 अगस्त के बीच खुला था और इसके जरिए कंपनी ने 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए थे।
SKF India ने भी निवेशकों को निराश किया। पिछले एक साल में इस शेयर ने करीब 60 प्रतिशत वैल्यू गंवाई है। बीते छह महीनों में इसमें 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
SKF India, स्वीडन की मल्टीनेशनल कंपनी SKF Group की भारतीय इकाई है। यह कंपनी 1923 से भारत में मौजूद है और ऑटोमोटिव, रेलवे, एनर्जी, एयरोस्पेस और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर्स के लिए बेयरिंग्स, सील्स और लुब्रिकेशन सिस्टम उपलब्ध कराती है।
Nifty 500 इंडेक्स के पांचवें सबसे बड़े लूजर के तौर पर Praj Industries का नाम सामने आया है। पिछले एक साल में यह शेयर 59 प्रतिशत टूट चुका है, जबकि बीते छह महीनों में इसमें 33 प्रतिशत की गिरावट आई है।
कंपनी ने Q2 FY26 में 19.2 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो साल दर साल आधार पर 65 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 53 करोड़ रुपये रहा था।
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