
शेयरों के निवेशकों के लिए 2026 बेहतर रहा है। बंधन लाइफ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड (इक्विटी) अविनाश अग्रवाल ने यह अनुमान जताया है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इनवेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट्स के बारे में कई बातें बताईं। उन्होंने कहा कि साल 2026 इस साल (2025) के मुकाबले बेहतर रहेगा।
2025 में मिडकैप-स्मॉलकैप में करेक्शन
उन्होंने कहा कि 2025 में मार्केट का रिटर्न कमजोर रहा। Nifty ने करीब 10 फीसदी रिटर्न दिया है। लेकिन, मिडकैप और स्मॉलकैप के कुछ सेगमेंट्स में बड़ा करेक्शन देखने को मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट के लिए 2026 बेहतर रहने की उम्मीद है। अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ने की संभावना है। इंटरेस्ट रेट घटने, जीएसटी में कमी और दूसरे रिफॉर्म्स का पूरा असर अगले साल इकोनॉमी पर देखने को मिलेगा।
इंडियन इकोनॉमी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा
इंडियन इकोनॉमी के बारे में उन्होंने कहा कि नियर फ्यूचर में ग्लोबल इकोनॉमी के मुकाबले इंडियन इकोनॉमी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। ग्लोबल इकोनॉमी के सामने कई चैलेंजेज हैं। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, सुस्त ग्रोथ, करेंसी से जुड़ी चुनौतियां और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बहुत ज्यादा निवेश का डर शामिल हैं। इधर, इंडिया में इकोनॉमी की ग्रोथ तेज है। आबादी में युवाओं की ज्यादा हिस्सेदारी, सरकार के रिफॉर्म्स, कम इंटरेस्ट रेट और कंपनियों की क्लीन बैलेंसशीट से इंडिया की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।
आईटी सेक्टर के लिए 2-3 साल मुश्किल रहे हैं
आईटी सेक्टर का प्रदर्शन 2026 में कैसा रहेगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 सालों में आईटी सेक्टर को कई चैलेंजेज का सामना करना पड़ा है। अभी सबसे बड़ा मसला AI है। कंपनियों को इस बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है। हमने पहले देखा है कि इंडियन आईटी कंपनियों खुद को टेक्नोलॉजी में बदलाव के हिसाब से बदलने में कामयाब रही हैं। इससे उनकी ग्रोथ अच्छी रही है। एक बार फिर इंडियन आईटी कंपनियां ऐसा करने में सफल रहेंगी। हालांकि, 2026 के लिए इस सेक्टर पर हमारा विचार न्यूट्रल है।
रियल एस्टेट सेक्टर कर सकता है कमाल
2026 में कंटेरियन बेट (contrarian bet) के बारे में पूछने पर उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर का नाम लिया। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद इस सेक्टर में रिकवरी दिखी है। हम प्राइस और वॉल्यूम दोनों में रिकवरी देख रहे हैं। प्राइस बढ़ने की रफ्तार सुस्त पड़ी है, लेकिन वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी बनी हुई है। RERA और पिछले डाउन-साइकिल की वजह से पिछले दशक में इस सेक्टर में कंसॉलिडेशन देखने को मिला है। जो रियल एस्टेट कंपनियां खुद को बचाए रखने में कामयाब रही हैं, उनका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। इस साल इस सेक्टर में करेक्शन के बाद वैल्यूएशन सही लेवल पर आ चुका है।