ITC Shares: 5 साल में पहली बार ITC के शेयर दे सकते हैं नेगेटिव रिटर्न, अब 2026 में कैसी रहेगी चाल? – itc shares may deliver negative returns for the first time in five years what lies ahead in 2026



ITC Shares: एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC के शेयर साल 2025 में नेगेटिव रिटर्न देने की ओर बढ़ रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले 5 सालों में पहली बार होगा, जब आईटीसी के शेयर नेगेटिव रिटर्न देंगे। इस साल अब तक ITC के शेयरों में करीब 11.17% तक की गिरावट आ चुकी है। इससे पहले आखिरी बार आईटीसी ने 2020 में नेगेटिव रिटर्न दिया था, जब इसके शेयरों में करीब 12% की गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन उसके बाद लगातार चार साल तक शेयर ने सालाना आधार पर निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 में ITC ने लगभग 52% का शानदार रिटर्न दिया था। 2022 में शेयर 4.26% चढ़ा, जबकि 2023 और 2024 में इसमें क्रमशः 39% और 5% तक की तेजी देखने को मिली। हालांकि, 2025 में यह चार साल की तेजी का सिलसिला टूटता नजर आ रहा है।

छह महीने से दायरे में फंसा शेयर

2025 में कमजोरी की मुख्य वजहें

बाजार जानकारों के मुताबिक, ITC के शेयरों में इस साल आई कमजोरी के पीछे दो बड़े कारण रहे हैं। पहला, GST 2.0 व्यवस्था के तहत तंबाकू उत्पादों पर संभावित ऊंचे टैक्स को लेकर निवेशकों की चिंता। इस आशंका ने सिगरेट बिजनेस से जुड़े मार्जिन और ग्रोथ आउटलुक पर सवाल खड़े किए हैं। दूसरा बड़ा कारण ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (BAT) की ओर से ITC Hotels के डिमर्जर के बाद की गई बड़ी हिस्सेदारी बिक्री है। इस कदम से भी ITC के शेयर को लेकर सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।

लंबी अवधि में अब भी मजबूत रिटर्न

हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि में ITC ने निवेशकों को निराश नहीं किया है। पिछले पांच सालों में इसके शेयर ने करीब 106% का रिटर्न दिया है, यानी निवेशकों की संपत्ति दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है।

ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने ITC के शेयर पर अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है और इसके लिए 500 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। मैक्वेरी का मानना है कि ड्राफ्ट एक्साइज डॉक्यूमेंट में बताए गए प्रति-सिगरेट टैक्स दरें केवल अधिकतम लिमिट हैं, न कि लागू होने वाली वास्तविक दरें। इसलिए टैक्स को लेकर फैली चिंताएं कुछ हद तक गलत हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि GST लागू होने के बाद डिस्काउंटिंग में कमी, रिटेल प्राइस के प्रतिशत के रूप में टैक्स स्ट्रक्चर और लीफ टोबैको की लागत में नरमी से FY27 में सिगरेट EBIT ग्रोथ 10% से अधिक रह सकती है। इसी आधार पर उसने अपने EPS और टारगेट प्राइस में भी इजाफा किया है।

वहीं, Deven Choksey Research ने ITC के लिए 486 रुपये का टारगेट रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का मैनेजमेंट लगातार ब्रांड निवेश और लागत दक्षता पर ध्यान दे रहा है, जिससे FMCG पोर्टफोलियो में लंबी अवधि की लाभप्रदता मजबूत होगी।

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।



Source link

Scroll to Top