Yes Bank Share Price: एसएमबीसी के हिस्सेदारी खरीदने के बावूजद यस बैंक के शेयरों में क्यों दिख रही सुस्ती? – yes bank share price why are yes bank stocks not buzzing despite smbc deal



मार्केट लंबे समय से यस बैंक में डील होने का इंतजार कर रहा था। आखिरकार सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसएमबीसी) ने यस बैंक में 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। उसने एसबीआई और कुछ दूसरे बैंकों से यह हिस्सेदारी खरीदी। बाद में उसने यस बैंक बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर 24.2 फीसदी कर दी। इसके बावजूद यस बैंक के शेयरों में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिली है। शेयर का प्राइस 21.5 रुपये प्रति शेयर के करीब चल रहा है, जिस प्राइस पर यह डील हुई थी। इसकी वजह क्या है?

SMBC से डील के बाद आउटलुक पॉजिटिव

Yes Bank के फंडामेंटल्स अब बेहतर हैं। एसएमबीसी की डील के बाद बैंक का आउलुट पॉजिटिव दिख रहा है। लेकिन, बैंक की सुस्त प्रॉफिट ग्रोथ की वजह से इनवेस्टर्स इस स्टॉक में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। 1 फीसदी रिटर्न ऑन एसेट (RoA) का रास्ता लंबा और मुश्किल दिख रहा है। सितंबर 2025 के अंत में डिपॉजिट की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 6.9 फीसदी रही, जो कम है। तिमाही दर तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 7.4 फीसदी रही।

एडवान्सेज के मुकाबले डिपॉजिट ग्रोथ ज्यादा 

बैंक के करेंट अकाउंट (CA) की डिपॉजिट ग्रोथ ज्यादा रही है। लो-कॉस्ट CASA (करेंट एंड सेविंग अकाउंट) की हिस्सेदारी कुल डिपॉजिट में बढ़ी है। यह 33.7 फीसदी पर पहुंच गई है, जो एक साल पहले की अवधि में 32 फीसदी थी। रिटेल ब्रांच-बैंकिंग आधारित डिपॉजिट ग्रोथ साल दर साल आधार पर करीब 14 फीसदी रही है। अच्छी बात यह है कि एडवान्सेज के मुकाबले डिपॉजिट ग्रोथ ज्यादा रही है। इससे क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 84 फीसदी पर आ गया है। इसका मतलब है कि फ्यूचर में क्रेडिट ग्रोथ के लिए अच्छी संभावना बची हुई है।

साल दर साल आधार पर क्रेडिट ग्रोथ 6.4 फीसदी

साल दर साल आधार पर क्रेडिट ग्रोथ 6.4 फीसदी रही। इस पर रिटेल सेगमेंट का असर पड़ा। बैंक ने कुछ खास सेगमेंट में एसेट क्वालिटी से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह स्ट्रेटेजी बनाई थी। बैंक ने कॉर्पोरेट बुक का भी कुछ हिस्सा गंवाया है। हालांकि, रिटेल एसेट्स, कमर्शियल और कॉर्पोरेट बुक जैसे फोकस वाले सेगमेंट में ग्रोथ संतोषजनक रही है। पहली छमाही में कमजोर ग्रोथ के बावजूद बैंक को पूरे साल में क्रेडिट ग्रोथ डबल डिजिट में रहने की उम्मीद है। डिस्बर्समेंट से जुड़ा ट्रेंड पॉजिटिव रहा है। दूसरी तिमाही में तिमाही दर तिमाही ग्रोथ 30 फीसदी रही है।

3.25-3.3 फीसदी एनआईएम का टारगेट

यस बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सीमित दायरे में रहा है। हालांकि, दूसरे बैंकों के मुकाबले एनआईएम कम होने से यस बैंक की प्रॉफिट बनाने की क्षमता और RoA पर असर पड़ा है। यस बैंक ने 3.25-3.3 फीसदी एनआईएम का टारगेट रखा है। रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (RIDF) डिपॉजिट में कमी से बैंक को मदद मिलेगी। इसका असर मार्जिन पर रहा है। बैंक का मानना है कि RIDF में घटती हिस्सेदारी, CRR में कमी और डिपॉजिट की री-प्राइसिंग से आगे मार्जिन में इम्प्रूवमेंट देखने को मिलेगा।

एसएमबीसी से रिश्ते का इस्तेमाल करने पर फोकस

यस बैंक ने ट्रांजेक्शन बैंकिंग को बढ़ाने और बड़ी कंपनियों तक पहुंच बनाने के लिए एमएमबीसी से अपने रिश्ते का फायदा उठाने का प्लान बनाया है। यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के बावजूद SMBC अपने होलसेल बैंकिंग ब्रांचेज और एक एनबीएफसी (SMFG India) के जरिए इंडिया में ऑपरेट करती है। इसका फोकस एसएमई, रिटेल और उन इलाकों पर रहा है, जहां बैंकिंग सेवाओं की पहुंच कम है। यह देखना होगा कि यस बैंक एसएमबीसी की मौजूदगी का कैसे फायदा उठाता है।

क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

1 फीसदी RoA का रास्ता लंबा और थोड़ा मुश्किल दिखता है। यस बैंक के शेयर में सीमित गिरावट की उम्मीद दिखती है। शेयरों में तेजी बैंक के अपने RoA के टारगेट को हासिल करने और इस बात पर निर्भर करेगी कि वह एसएमबीसी से अपने रिश्ते का फायदा किस तरह से उठाती है। इनवेस्टर्स जो रिस्क ले सकते हैं वे लंबी अवधि के लिहाज से यस बैंक के शेयरों में निवेश कर सकते हैं।



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