
शेयर मार्केट में लॉन्ग-टर्म निवेशक कैसे बने? इसे रणवीर सिंह की हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ से भी सीखा जा सकता है। फिल्म धुरंधर में रणवीर सिंह ने हमजा नाम के एक व्यक्ति का किरदार निभाया है। हमजा के जरिए फिल्म में जिंदगी के जो सबक दिखाए गए हैं, वे एक निवेशक के लिए भी काफी अहम हैं। हमजा के जीवन के कई पहलू शेयर बाजार में लंबे समय तक टिके रहने की कला सिखाते हैं। आइए इन्हें जानते हैं।
1. ‘नजर और सब्र’
फिल्म में आर माधवन ने IB चीफ अजय सान्याल का किरदार निभाया हैं। अजय सान्याल एक सीन में अपने रिक्रूट हमजा को कराची के ल्यारी की खतरनाक दुनिया में जाने से पहले एक जरूरी मंत्र देते हैं- “नजर और सब्र।” यह डायलॉग भले ही अंडरकवर जासूस के संदर्भ में बोला गया हो, लेकिन यही सिद्धांत लॉन्ग-टर्म निवेश की बुनियाद भी है।
शेयर बाजार में कोई भी निवेशक बाजार का सही समय नहीं पकड़ सकता। ऐसे में धैर्य रखते हुए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट (SIP)करना ही सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में जहां भारी उतार-चढ़ाव का खतरा रहता है, वहीं लंबे समय में सब्र का फल मिलता है।
फिल्म में रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) के गैंग में शामिल होने के लिए हमजा सही मौका आने का इंतजार करता है यानी वह नजर और सब्र दोनों बनाए रखता है। हमजा की तरह, एक आदर्श लॉन्ग-टर्म निवेशक भी बाजार में सही मौके का इंतजार करता है और शार्ट-टर्म प्रॉफिट की दौड़ में नहीं शामिल होता। बाजार पर ‘नजर’ रखने से आपको कई करेक्शन दिख सकते हैं, जहां एंट्री के मौके बन सकते हैं।
अनुभवी निवेशक कहते हैं कि बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय, गिरावट में समझदारी से निवेश बढ़ाना ज्यादा फायदेमंद होता है। हर दिन पोर्टफोलियो चेक करना जरूरी नहीं, लेकिन गिरावट के दौरान अतिरिक्त निवेश करना लंबी अवधि में ऊंचा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
2. सही समय पर बदलती है किस्मत
फिल्म में आर माधवन का किरदार हमजा को यह भी समझाता है कि, “किस्मत की एक बहुत खूबसूरत आदत है, कि वह वक्त आने पर बदलती है”। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह लाइन बिल्कुल सटीक बैठती है। हमजा ने भी इस बात को अपने दिल में उतार लिया और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया क्योंकि उसे इस फिलॉसफी पर पक्का यकीन था। इसी तरह निवेशक भी कंपनी की सालाना रिपोर्ट को पढ़कर किसी पिटे हुए स्टॉक में दोबारा अपना यकीन बना सकते हैं। सभी कमजोर शेयरों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि कई शेयर बाहरी कारणों से गिरते हैं, लेकिन सही समय के साथ वो दोबारा तेजी से वापसी करते हैं और नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाते हैं।
इसी तरह, इंडेक्स में निवेश करने वाले निवेशकों को भी यह समझना चाहिए कि इंडेक्स में मंदी का दौर बहुत लंबा नहीं रहता और उम्मीद की किरण जरूर निकलती है। जैसा कि पुराने इन्वेस्टर कहते हैं, “सही शेयर खरीदें, आराम से बैठें”।
3. रिकॉर्ड रखना और लक्ष्य तय करना भी जरूरी
फिल्म में हमजा अपने हर कदम और भविष्य की योजना का लेखा-जोखा रखता है। निवेश के नजरिए से भी यह आदत बेहद अहम मानी जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को कम से कम छह महीने में एक बार अपने पोर्टफोलियो की जरूर समीक्षा करनी चाहिए। इससे न सिर्फ दिशा स्पष्ट होती है, बल्कि आगे के लक्ष्यों के लिए भी मोटिवेशन मिलती है।
शुरुआती लक्ष्य इस तरह से निवेश करने का होना चाहिए कि जिससे कैपिटल सेफ रहे। इसके बाद महंगाई और फिक्स्ड डिपॉजिट को मात देने का लक्ष्य होना चाहिए। इसके बाद कंपाउंडिंग की ताकत धीरे-धीरे असर दिखाती है। हालांकि आमतौर पर इसमें 5-6 साल लग जाते हैं और यही धैर्य का सबसे कठिन इम्तिहान होता है।
4. हमजा बनाम रहमान डकैत: निवेश की दो अलग राह
जैसे हर फिल्म में एक विलेन होता है। वैसे ही फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत का किरदार था, जिसे अक्षय खन्ना ने निभाया है। शेयर मार्केट की दुनिया में रहमान डकैत की भूमिका F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) निभाता है। तुरंत मुनाफे के लालच में नए निवेशक अक्सर शॉर्टकट अपनाते हैं। इसके लिए वे F&O की ओर खीचें जाते हैं। लेकिन SEBI के आंकड़े बताते हैं कि F&O में निवेश करने वाले 90% निवेशक घाटे में रहते हैं। इसके उलट, नियमित और अनुशासित निवेश, धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लंबे समय में बेहतर नतीजे देते हैं। जब बात स्टॉक मार्केट की हो तो हमेशा हमजा की तरह बनें, कड़ी मेहनत करें और तभी अंत में मनचाहा नतीजा मिलेगा।
यह भी पढ़ें- Meesho Shares: मीशो के शेयर तीन दिन में 21% लुढ़के, ये है बड़े कारण, एक्सपर्ट्स जता रहे चिंता
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।