
Cholamandalam Investment Shares: मुरुगप्पा ग्रुप की कंपनी चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी (Cholamandalam Investment and Finance Company) के शेयरों में आज 23 दिसंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 8 प्रतिशत तक उछलकर 1,711.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी की ओर कोबारापोस्ट के आरोपों पर एक सफाई जारी करने के बाद आई।
चोलामंडलम इनवेस्टमेंट ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि कोबारापोस्ट की रिपोर्ट में सभी आरोप गलत इरादे से लगाए गए हैं और पूरी तरह बेबुनियाद हैं। कंपनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि परफॉर्मेंस, एसेट क्वालिटी और लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, “कंपनी अपने निवेशकों को भरोसा दिलाना चाहती है कि कंपनी का परफॉर्मेंस, उसकी एसेट क्वालिटी और उसकी लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जैसा कि सितंबर 2025 को खत्म हुए छमाही नतीजों में बताया गया है। पहले से तय टारगेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है और कंपनी अपने बोर्ड से मंजूरी किए गए बिजनेस प्लान के अनुसार काम करती रहेगी। 30 नवंबर, 2025 तक कंपनी का कैश और बैंक बैलेंस 14,900 करोड़ रुपये होने के साथ कंपनी की लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत बनी हुई है।”
क्रेडिट रेटिंग और नेटवर्थ पर भी दिया भरोसा
कंपनी ने यह भी बताया कि उसकी क्रेडिट रेटिंग ICRA, India Ratings और CARE, तीनों एजेंसियों से अब भी AA+ बनी हुई है। इसके अलावा, 30 नवंबर 2025 तक कंपनी की नेटवर्थ ₹26,783 करोड़ रही, जो कि वित्त वर्ष 2025 के अंत की तुलना में ₹3,000 करोड़ से अधिक है।
चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट ने कहा कि उसने अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन और बिजनेस प्रैक्टिस की रिपोर्टिंग के सभी नियमों का पालन किया है। कंपनी ने कोबरापोस्ट की रिपोर्ट में लगाए गए इस आरोप को भी सिरे से खारिज कर दिया कि कुछ प्रमोटर्स या दूसरे व्यक्तियों को इन लेनदेन से कोई अनुचित लाभ पहुंचाया गया है।
कोबरापोस्ट की रिपोर्ट में क्या कहा गया था?
इनवेस्टिगेटिव न्यूज एजेंसी कोबरापोस्ट ने सोमवार देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में दावा किया था कि चोलामंडल इनवेस्टमेंट, इसकी सब्सिडियरी कंपनियों और पैरेंट मुरुगप्पा ग्रुप के बीच बड़े पैमाने पर कैश और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन का एक “चिंताजनक पैटर्न” सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्टैच्यूटरी फाइलिंग्स और कॉरपोरेट डिस्क्लोजर्स की जांच के बाद करीब ₹10,262 करोड़ के ऐसे लेनदेन सामने आए हैं, जिनमें मुरुगप्पा ग्रुप की दूसरी कंपनियां, परिवार के सदस्य और मैनजमेंट के अहम कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन पैसों का कुछ हिस्सा आगे दूसरे ट्रांजैक्शंस के जरिए ट्रांसफर किया गया, जिनकी प्रकृति और उद्देश्य पर नियामकीय जांच की जरूरत हो सकती है।
कैश कलेक्शन और इंश्योरेंस कमीशन पर सफाई
कोबरापोस्ट की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि FY20 से FY25 के बीच कंपनी ने 14 बैंकों में करीब ₹25,089 करोड़ की कैश डिपॉजिट की। इसके साथ ही, 2024–25 के दौरान कंपनी ने ₹942 करोड़ का इंश्योरेंस कमीशन कमाया, जिससे व्हीकल और होम लोन के साथ इंश्योरेंस बंडलिंग को लेकर सवाल उठाए गए।
इस पर जवाब देते हुए चोलामंडलम इनवेस्टमेंट ने कहा कि वह मुख्य रूप से छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड नॉन-प्रोफेशनल्स को सेवाएं देती है, जिनकी संख्या 50 लाख से ज्यादा है और जो देशभर में 1,700 से अधिक शाखाओं के माध्यम से जुड़े हैं। कंपनी के अनुसार, ऐसे कई ग्राहक कैश में कमाते और EMI का भुगतान भी कैश में करते हैं, जिसे बाद में बैंकों में जमा कराया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया इंटरनल और एक्सटर्नस ऑडिट, KYC नियमों और इनकम टैक्स कानूनों के मुताबिक होती है।
कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसके बोर्ड मेंबर्स, की मैनेजमेंट पर्सनल (KMP) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (SMP) को किए गए सभी भुगतान कानून के दायरे में, पारदर्शी तरीके से किए गए हैं और उनकी पूरी जानकारी शेयरहोल्डर्स को पहले ही दी जा चुकी है।
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