Meesho Share Price: दो दिन में 14% टूटा स्टॉक, क्या ये है ‘गिरावट में खरीदारी’ का मौका? – meesho share price falls 14 percent in two days is this a buying opportunity on correction



Meesho Share Price: ई-कॉमर्स कंपनी Meesho के शेयरों में सोमवार, 22 दिसंबर को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। महीने की शुरुआत में आई तेज रैली के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर लगातार दूसरे सत्र में दबाव में रहा।

शुक्रवार को Meesho का शेयर 254.65 रुपये के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था, लेकिन इसके तुरंत बाद बिकवाली हावी हो गई। सोमवार के कारोबार में शेयर 10 प्रतिशत गिरकर 202.05 रुपये पर आ गया और लोअर सर्किट लग गया। बीते दो सत्रों में कुल मिलाकर शेयर में 14 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

IPO के बाद शानदार रैली, अब करेक्शन का दौर

Meesho का IPO 10 दिसंबर को शेयर मार्केट में लिस्ट हुआ था। इसका इश्यू प्राइस 111 रुपये था। इस शेयर ने 46 प्रतिशत प्रीमियम के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी। इसके बाद लगातार तेजी बनी रही। एक समय यह ऑफर प्राइस से करीब 53 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया।

हालिया गिरावट के बाद Meesho ने पिछले हफ्ते हासिल किया गया मल्टीबैगर टैग जरूर खो दिया है, लेकिन इसके बावजूद शेयर अभी भी अपने IPO प्राइस से करीब 82 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है। यानी शुरुआती निवेशकों के लिए अब भी मोटा मुनाफा बना हुआ है।

UBS की Buy कॉल से आई थी पिछली तेजी

पिछले हफ्ते Meesho के शेयरों में करीब 35 प्रतिशत की तेज उछाल देखने को मिली थी। इसकी बड़ी वजह ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS की पॉजिटिव रिपोर्ट रही। UBS ने कंपनी के दमदार बिजनेस मॉडल, तेजी से बढ़ते यूजर बेस और सुधरते फाइनेंशियल मेट्रिक्स को देखते हुए शेयर पर Buy रेटिंग दी थी।

UBS ने Meesho के लिए 220 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का नेगेटिव वर्किंग कैपिटल और एसेट-लाइट मॉडल उसे लंबे समय में टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी की मजबूत स्थिति में रखता है। रिपोर्ट के मुताबिक FY30 तक कंपनी का NMV CAGR करीब 30 प्रतिशत रह सकता है। इसे बढ़ती यूजर एंगेजमेंट और ऑर्डर फ्रीक्वेंसी से सपोर्ट मिलेगा।

क्या गिरावट में खरीदारी का मौका है?

INVAsset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक, मौजूदा गिरावट सिर्फ वैल्यूएशन का मामला नहीं है, बल्कि निवेशक अब ग्रोथ की क्वालिटी को ज्यादा बारीकी से परख रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही GMV ग्रोथ मजबूत दिख रही हो, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी से जुड़े आंकड़े अभी पूरी तरह साफ नहीं हैं।

दासानी ने चेतावनी दी कि सिर्फ कीमत गिरने के आधार पर शेयर में एंट्री करना सही रणनीति नहीं हो सकती। उनके मुताबिक 2025 के बाद के ज्यादा चुनिंदा बाजार माहौल में निवेशक अब सिर्फ टॉपलाइन ग्रोथ नहीं, बल्कि कैश-फ्लो ब्रेकईवन को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं।

वैल्यूएशन को लेकर एक्सपर्ट्स की सतर्कता

Bonanza के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने भी पहले कहा था कि Meesho एक मजबूत लॉन्ग-टर्म बिजनेस जरूर है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन पर नजदीकी अवधि का रिस्क-रिवॉर्ड आकर्षक नहीं दिखता। यानी लंबी अवधि की कहानी अच्छी हो सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

Meesho का 5,421 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा था। यह इश्यू कुल मिलाकर 79.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। IPO का प्राइस बैंड 105 से 111 रुपये के बीच था, जिसमें 4,250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,171 करोड़ रुपये का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल था।

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