FII-DII Fund Flow : 19 दिसंबर को FIIs ने 1831 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, DIIs ने भी 5723 करोड़ रुपये की खरीदारी – fii dii fund flow on december 19 fiis bought shares worth rs 1831 crore while diis also made purchases worth rs 5723 crore



FII-DII Fund Flow : विदेशी निवेशक (FIIs/FPIs) 19 दिसंबर को भी नेट खरीदार बने रहे, उन्होंने गुरुवार को भारतीय बाजारों में 1831 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। प्रोविजनल एक्सचेंज डेटा के मुताबिक कल घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5723 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। कल के ट्रेडिंग सेशन के दौरान, DIIs ने 12,376 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 9,675 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, FIIs ने 11,442 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे लेकिन कुल 10,847 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

इस साल अब तक, FIIs ने 2.78 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि DIIs ने 7.57 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। मेहता इक्विटीज़ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दर घटने से भारत में विदेशी निवेश बढ़ सकता है, रुपये को मज़बूती मिल सकती है और लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है।

मार्केट व्यू

बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 447.55 अंक या 0.53 प्रतिशत बढ़कर 84,929.36 पर बंद हुआ। वहीं,निफ्टी 150.85 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 25,966.40 पर बंद हुआ। निफ्टी के सबसे बड़े गेनर श्रीराम फाइनेंस, मैक्स हेल्थकेयर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड कॉर्प, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स थे। जबकि लूजर में HCL टेक्नोलॉजीज, अदानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को, JSW स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल रहे। 19 दिसंबर को सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। ऑटो, फार्मा, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, टेलीकॉम और हेल्थकेयर में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

बाजार के लिए अहम रेजिस्टेंस

ट्रेडर्स निफ्टी पर 26,000 के लेवल के पास सतर्क रहे। इसे तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन माना जा रहा है। इंडेक्स 25,700 से 25,900 की छोटी रेंज में घूम रहा है, जो मार्केट में अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल 25,700 और 25,600 पर हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि 25,500 के लेवल से ऊपर बने रहने की मार्केट की क्षमता सेंटिमेंट में सुधार के लिए बहुत ज़रूरी है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड की टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे का कहना है कि मौजूदा वोलैटिलिटी और ग्लोबल अनिश्चितताओं को देखते हुए सेलेक्टिव अप्रोच अपनाना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे सख्त स्टॉप-लॉस के साथ गिरावट पर खरीदारी करें और लेवरेज का इस्तेमाल सावधानी से करें। उन्होंने कहा कि नई लॉन्ग पोजीशन तभी लेनी चाहिए जब 26,100 के ऊपर लगातार ब्रेकआउट हो, साथ ही ग्लोबल संकेतों और टेक्निकल लेवल पर भी नज़र रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



Source link

Scroll to Top