26 मिनट में 51% पूंजी साफ, अमेरिकी मार्केट में कोहराम, इस कारण अमेरिकन बिटकॉइन ने दिया निवेशकों को तगड़ा झटका – 26-minute 51 percent wipeout that deepened the trumps crypto woes trump family crypto world



मंगलवार को जब 09:30 पर अमेरिकी मार्केट खुला तो अगले ही मिनट यानी कि 09:31 AM पर क्रिप्टो माइनर अमेरिकी बिटकॉइन कॉर्प (American Bitcoin Corp) के शेयर 33% टूट गए। निवेशक अभी रिकवरी का इंतजार कर ही रहे थे कि पांच मिनट बाद गिरावट 42% हो गई और 9:56 बजे तक यह 51% पर पहुंच गया। इस प्रकार महज 26 मिनट में निवेशकों की पूंजी आधी से भी कम हो गई। यह सब इतना नाटकीय रहा कि अमेरिकन बिटकॉइन तुरंत ही न सिर्फ इस साल 2025 के आखिरी में क्रिप्टो बाजार के भारी गिरावट का प्रतीक बन गया, बल्कि उन अनेक डिजिटल-करेंसी वर्ल्ड की गिरावट का भी प्रतीक बन गया जिन्हें पिछले एक साल में ट्रंप फैमिली प्रमोट कर रही थीं। दो महीने में बिटकॉइन जैसी अहम क्रिप्टोकरेंसी करीब 25% नीचे आए हैं लेकिन ट्रंप फैमिली से जुड़े प्रोजेक्ट्स अधिक स्पीड से नीचे आए हैं।

Trmp Family के क्रिप्टो वर्ल्ड की क्या है हालत?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बेटों ने जिस वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की शुरुआत की थी, सितंबर महीने की शुरुआत में उसके WLFI टोकन के भाव रिकॉर्ड हाई से 51% टूट गए थे। यह गिरावट बिटकॉइन और छोटे डिजिटल टोकन के इंडेक्स में फिसलन से भी अधिक रही। इसके अलावा ट्रंप के बेटों ने जिस कंपनी आल्ट5सिग्मा को प्रमोट किया था, उसके भी भाव कानूनी मामलों की बढ़ती संख्या के चलते करीब 75% फिसल गए। फिर राष्ट्रपति और उनकी पत्नी मेलानिया के नाम पर बने मीमकॉइन भी हैं। ट्रंप के नाम पर बनी मीमकॉइन जनवरी में अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 90% और मेलेनिया ट्रंप के नाम पर बनी मीनकॉइन 99% गिर चुकी है। एरिक ट्रंप की को-फाउंडेड अमेरिकन बिटकॉइन भी मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद अब 75% नीचे आ चुका है।

मार्केट में कैसा है माहौल?

ट्रंप फैमिली ने इस साल की शुरुआत में भारी भरकम क्रिप्टो पूंजी तैयार की थी लेकिन अब इनमें भारी गिरावट ने न सिर्फ डिजिटल एसेट इंडस्ट्री बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति की छवि पर भी दाग लगाया है। बता दें कि ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में क्रिप्टोकरेंसी को सपोर्ट किया तो क्रिप्टो मार्केट में बहार आ गई और बिटकॉइन की कीमतों में ताबड़तोड़ उछाल उनकी राजनीतिक सफलता का संकेत बन गया। हालांकि अब स्थिति बदल चुकी है क्योंकि क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है।

अमेरिकन यूनिवर्सिटी के वाशिंगटन कॉलेज ऑफ लॉ की प्रोफेसर हिलरी एलेन का कहना है कि ट्रंप ने अपना खुद का क्रिप्टो प्रोजेक्ट शुरू किया जिनमें से कई ने जल्द ही अपनी वैल्यू गंवा दी। हिलेरी के मुताबिक अगर लक्ष्य ट्रंप परिवार के माध्यम से वैधता हासिल करना था, तो इससे मदद नहीं मिली। वहीं एरिक ट्रंप ने मंगलवार को अमेरिकन बिटकॉइन की गिरावट की वजह व्यापक कमजोरी को नहीं बल्कि इसके शेयरों का लॉकअप पीरियड के समाप्त होने को बताया। उन्होंने कहा कि फंडामेंटल मजबूत है और वह इंडस्ट्री को लेकर 100% प्रतिबद्ध हैं।

बता दें कि ट्रंप के सपोर्ट ने क्रिप्टो मार्केट में काफी रौनक लाई थी। ट्रंप के समर्थकों ने जमकर ट्रंप टोकन खरीदे थे जिससे इनके भाव उछल गए थे। मई में जब ग्रिफान डिजिटल (Gryphon Digital) ने एरिक ट्रंप की अमेरिकन बिटकॉइन में विलय का ऐलान किया था तो ग्रिफान डिजिटल के शेयर 173% उछल गए थे। सितंबर में विलय के बाद पहले ही ट्रेडिंग दिन अमेरिकन बिटकॉइन के शेयरों में 16% की तेजी और आई थी। हालांकि धीरे-धीरे क्रिप्टो मार्केट की रौनक फीकी पड़ने लगी। अप्रैल महीने में ट्रंप ने बड़े कॉइन होल्डर्स के साथ डिनर की पेशकश की थी तो इसमें जोरदार तेजी आई थी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों के ऑनलाइन मार्केटप्लेस के सीईओ जोएल ली (Joel Li) ने इस डिनर में हिस्सा लेने के लिए मीमकॉइन खरीदे थे लेकिन बाद में जल्दी ही बेच दिया। उन्होंने देखा कि अक्टूबर में चीन पर नए टैरिफ लगाने के बाद स्थिति बिगड़ने लगी है। ली का कहना है कि लोगों ने महसूस करना शुरू दिया है कि यह शायद वैसा नहीं है जैसा वे सोच रहे थे।

अमेरिकन बिटकॉइन की बात करें तो इसे एक और बात से करारा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह जिन माइनिंग मशीनों का इस्तेमाल करती है, वह चाइनीज है और उनकी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका को लेकर जांच की जा रही है।



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