
साल 2025 में Nifty PSU Bank Index अब तक करीब 28 प्रतिशत चढ़ चुका है। इस दौरान Nifty 50 में सिर्फ 10 प्रतिशत के आसपास की तेजी रही। Indian Bank का शेयर साल की शुरुआत से अब तक करीब 34 प्रतिशत बढ़कर 809 रुपये के आसपास पहुंच गया। Canara Bank में 33 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं Union Bank of India और SBI ने क्रमशः करीब 21 और 18 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
प्राइवेट बैंक क्यों रहे रिटर्न में पीछे
प्राइवेट बैंकों में Federal Bank ने करीब 23 प्रतिशत और IDFC First Bank ने लगभग 22 प्रतिशत का रिटर्न दिया। Kotak Mahindra Bank भी करीब 17 प्रतिशत चढ़ा। इसके बावजूद, कुल मिलाकर प्राइवेट बैंक PSU बैंकों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन करते दिखे। निवेशकों की नजर में सरकारी बैंकों की वैल्यूएशन और रिकवरी स्टोरी ज्यादा आकर्षक रही।
FDI को लेकर सफाई से थमी तेजी
साल की शुरुआत में PSU बैंकों में तेजी तब थोड़ी थमी, जब सरकार ने साफ किया कि सरकारी बैंकों में FDI लिमिट 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। इससे पहले बाजार में इस तरह की अटकलें चल रही थीं। इसके अलावा, SBI, PNB और Bank of Baroda जैसे बैंकों के संभावित कंसोलिडेशन की चर्चाएं भी सुर्खियों में रहीं।
मुनाफे और एसेट क्वालिटी में सुधार
FY26 की दूसरी तिमाही में SBI ने 20,159 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो निजी सेक्टर के कई बड़े बैंकों से ज्यादा रहा। तुलना करें तो HDFC Bank का मुनाफा 18,641 करोड़ रुपये रहा।
Canara Bank ने भी 4,773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो Kotak Mahindra Bank से ज्यादा था। इसके साथ ही PSU बैंकों की ग्रॉस और नेट NPA स्थिति भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर रही है।
2026 के लिए सेक्टर का आउटलुक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में PSU बैंक पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं। बेहतर बैलेंस शीट, गवर्नेंस में सुधार और टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने से सेक्टर को सपोर्ट मिल रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट तन्वी कंचन के मुताबिक, पिछले पांच साल में Nifty PSU Bank Index करीब 500 प्रतिशत चढ़ चुका है और यह तेजी मजबूत फंडामेंटल्स पर आधारित रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
टेक्निकल एनालिस्ट प्रवीण गौर का कहना है कि 2025 में PSU बैंक लीडर बनकर उभरे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, MSME और रिटेल से लोन की मांग बनी हुई है।
हालांकि, मार्जिन पर दबाव और प्रोविजनिंग के कारण शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है। फिर भी, सही बैंक चुनकर निवेश करने वालों के लिए 2026 में भी PSU बैंक सेक्टर स्थिर और आकर्षक बना रह सकता है।
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