2025 में देश के टॉप 10 बिजनेस ग्रुप्स में से 8 ने दिया पॉजिटिव रिटर्न, Bharti Group ने देखा सबसे ज्यादा गेन; Tata ने किया निराश – eight of india top 10 conglomerates by market value have delivered positive returns so far in 2025 bharti group lead gains check reliance industries tata itc group performance



मार्केट वैल्यू के हिसाब से भारत के टॉप 10 बिजनेस ग्रुप्स में से 8 ने 2025 में अब तक पॉजिटिव रिटर्न दिया है। ACE इक्विटीज के डेटा के अनुसार, इन टॉप 10 ग्रुप्स का कुल मार्केट कैप 15 दिसंबर 2025 तक लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 130 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 15 दिसंबर तक 6.5 प्रतिशत बढ़कर 469.70 लाख करोड़ रुपये हो गया। 31 दिसंबर, 2024 तक यह 441.96 लाख करोड़ रुपये था।

देश के टॉप 10 बिजनेस ग्रुप्स में से टाटा ग्रुप और ITC ग्रुप ने साल 2025 के दौरान गिरावट दर्ज की। टाटा ग्रुप की 24 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 8.2 प्रतिशत गिर गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मार्केट कैप में 21 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। ट्रेंट, नेल्को, टाटा टेक्नोलोजिज, तेजस नेटवर्क्स, ओरिएंट होटल्स, टाटा केमिकल्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी ग्रुप की अन्य कंपनियों के मार्केट कैप में भी इस साल गिरावट आई।

ITC ग्रुप की बात करें तो ITC लिमिटेड और ITC होटल्स लिमिटेड की कुल मार्केट वैल्यू में 2025 के दौरान अब तक लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। ग्रुप के प्रदर्शन पर एग्री बिजनेस में दबाव, तंबाकू की ज्यादा लागत और कड़े कॉम्पिटीशन का असर पड़ा।

किस ग्रुप को सबसे ज्यादा फायदा

भारती ग्रुप सबसे ज्यादा फायदे में रहा। इसकी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 2025 में अब तक लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा है। बढ़त का नेतृत्व भारती एयरटेल ने किया, जिसके स्टॉक में इस साल 31 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। भारती हेक्साकॉम ने 21 प्रतिशत और इंडस टावर्स ने 15 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 2025 में मार्केट कैप के मामले में दूसरी सबसे बड़ी गेनर रही। ग्रुप की कुल मार्केट वैल्यू 15 दिसंबर तक 24.4 प्रतिशत बढ़कर 23.14 लाख करोड़ रुपये हो गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक में साल के दौरान 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एनर्जी, रिटेल और टेलीकॉम बिजनेस में बेहतर परफॉर्मेंस से सपोर्ट मिला।

आदित्य बिड़ला और बजाज ग्रुप का हाल

आदित्य बिड़ला ग्रुप और बजाज ग्रुप अगले सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले ग्रुप रहे। दोनों ने साल के दौरान लगभग 22 प्रतिशत का फायदा कमाया। आदित्य बिड़ला ग्रुप की 10 कंपनियों में से केवल 4 के स्टॉक बढ़े। बजाज ग्रुप की 12 कंपनियों में से 4 के स्टॉक बढ़े। आदित्य बिड़ला ग्रुप में वोडाफोन आइडिया टॉप परफॉर्मर रही। कंपनी ने 2025 में अब तक 128 प्रतिशत की ग्रोथ देखी। आदित्य बिड़ला कैपिटल 105 प्रतिशत और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 42 प्रतिशत बढ़ीं। दूसरी ओर आदित्य बिड़ला फैशन में 68 प्रतिशत की गिरावट आई। आदित्य बिड़ला मनी में 43 प्रतिशत, आदित्य बिड़ला फैशन रिटेल में 33 प्रतिशत, सेंचुरी एनका में 28 प्रतिशत और आदित्य बिड़ला सन लाइफ में 10 प्रतिशत की गिरावट आई।

बजाज ग्रुप की ग्रोथ में बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस का सबसे बड़ा हाथ रहा। साल 2025 में अब तक बजाज फिनसर्व ने लगभग 50 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस ने 38 प्रतिशत की ग्रोथ देखी है। महाराष्ट्र स्कूटर 47 प्रतिशत और बजाज कंज्यूमर केयर 22 प्रतिशत बढ़ी हैं। बजाज ऑटो में साल के दौरान 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर बजाज प्रोजेक्ट्स में 38 प्रतिशत की गिरावट आई। बजाज इलेक्ट्रिकल्स में 37 प्रतिशत, बजाज हिंदुस्तान शुगर में 35 प्रतिशत, हरक्यूलिस इनवेस्टमेंट्स में 25 प्रतिशत और बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 22 प्रतिशत की गिरावट आई।

L&T, महिंद्रा, अदाणी ग्रुप की परफॉरमेंस

अन्य बड़े समूहों की बात करें तो L&T ग्रुप में 2025 में लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। महिंद्रा ग्रुप ने लगभग 15 प्रतिशत, अदाणी ग्रुप ने लगभग 10 प्रतिशत और ओपी जिंदल ग्रुप ने 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। मिड साइज ग्रुप्स में साल के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। फायदा कमाने वालों में मुथूट ग्रुप टॉप पर रहा। इसने लगभग 79 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी। इसके बाद हीरो ग्रुप ने 41 प्रतिशत और GMR ग्रुप ने 33 प्रतिशत का फायदा देखा।

दूसरी ओर BK बिड़ला ग्रुप का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इस ग्रुप ने साल के दौरान 62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। ADAG ग्रुप में 32 प्रतिशत और बिड़ला SK ग्रुप में 31 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसी तरह CK बिड़ला ग्रुप में साल के दौरान 31 प्रतिशत, BC जिंदल ग्रुप में 23 प्रतिशत, यश बिड़ला ग्रुप में 21 प्रतिशत, किर्लोस्कर ग्रुप में 16 प्रतिशत और RP-संजीव गोयनका ग्रुप में 15 प्रतिशत की गिरावट आई। केके बिड़ला ग्रुप ने 14 प्रतिशत, एमपी बिड़ला ग्रुप ने 12 प्रतिशत और गोदरेज ग्रुप ने 9 प्रतिशत की मार झेली।



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