
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार 11 को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद शेयर मार्केट ने मजबूत रिकवरी की और तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 450 अंकों तक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर 25,900 के पार पहुंच गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स एक समय 222 अंकों तक नीचे गिर गया था, लेकिन बाद इसने खुद को संभाला।
ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी लौटी। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स कारोबार के दौरान 0.79 फीसदी तक उछल गए। सबसे अधिक खरीदारी आईटी, ऑटो और रियल्टी शेयरों में देखने को मिली।
दोपहर 12:35 बजे के करीब, सेंसेक्स 449.62 अंक या 0.53% बढ़कर 84,840.89 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 148.90 अंक या 0.58% चढ़कर 25,906.90 पर ट्रेड कर रहा था।
शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 6 बड़ी वजहें रहीं-
1. वैल्यू बाइंग
लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आज निवेशकों ने निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग शुरु की। खास तौर से आईटी, ऑटो, मेटल, रियल्टी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर्स में। मेटल इंडेक्स 1% तक उछल गया, क्योंकि डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए कमोडिटी सस्ती हुई। आईटी इंडेक्स में 0.9% तक तेजी आई और इसे अमेरिका में ब्याज दरों की कटौकी से सपोर्ट मिला। बैंक निफ्टी में भी मजबूत खरीदारी देखी गई, यह 0.7% बढ़ा।
2. अमेरिका से ट्रेड डील की उम्मीदें
भारत के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन के एक बयान से भी आज शेयर बाजार अच्छे मूड में दिखा। अनंत नागेश्वरन ने भारत और अमेरिका के बीच ज्यादातर व्यापारिक मुद्दे सुलझ गए हैं और जल्द ही दोनों देशों के बीच समझौते की घोषणा हो सकती है। उन्होंने Bloomberg TV को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि मार्च 2026 तक समझौता हो जाएगा। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ने भी कहा है कि भारत ने बातचीत में उन्हें अब तक का “सबसे अच्छा प्रस्ताव” दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें घटाई
अमेरिका के केंद्रीय बैंक, US फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी ब्याज दर 25 बेसिस प्वाइंट घटा दी।यह इस साल लगातार तीसरी और कुल मिलाकर 0.75 प्रतिशत की कटौती है। इस कटौती के साथ अमेरिका में अब ब्याज दरें पिछले तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। अमेरिका में ब्याज दरों का घटना आमतौर पर भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश को बढ़ावा देती हैं। इससे आईटी जैसे सेक्टर्स में कारोबार बढ़ने की संभावना भी बढ़ती है।
4. वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट
शयेर बाजार में मौजूद अस्थिरता का संकेत देने वाला, इंडिया VIX इंडेक्स गुरुवार को करीब 2% गिरकर 10.74 पर आ गया। VIX का कम होना बाजार में निकट भविष्य में अनिश्चितता कम होने का संकेत होता है। इसका मतलब है कि निवेशकों का मनोबल थोड़ा बेहतर हुआ है और बाजार में स्थिरता है।
5. ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत
अमेरिकी शेयर मार्केट में बीती रात US फेड की ओर से ब्याज दरो में कटौती के बाद तेजी देखने को मिली। कई एशियाई बाजारों में भी सुबह के कारोबार में तेजी देखी गई। इससे भारतीय निवेशकों के लिए भी पॉजिटिव संकेत मिले।
6. एक्सपायरी का असर
गुरुवार को सेंसेक्स डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी होती है। इसके चलते आज शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार से ही तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक्सायरी के दिन ट्रेडर अपनी पोजीशन क्लोज या रोलओवर करते हैं, जिससे दिन भर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।
टेक्निकल चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी ने पिछले दिन के निचले स्तर 25,732 को दोबारा छूने के बावजूद कोई साफ दिशा नहीं दिखाई। मार्केट के रुझान को बताने वाले संकेत अभी कमजोर हैं। उनका कहना है कि बाजार में गिरावट की संभावना बनी हुई है। अगर निफ्टी 25,690–25,630 के स्तर पर नहीं रुकता और इससे नीचे चला जाता है, तो बढ़त की संभावना कम हो जाएगी। वहीं, इस स्तर पर मजबूती दिखाई दे तो बुल्स दोबारा एक्टिव हो सकते हैं।
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