
Share Markets: भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार 12 जनवरी को दिन के निचले स्तर से शानदार वापसी की। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर करीब 900 अंकों की छलांग लगाकर हरे निशान में आ गया। यह रिकवरी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के एक बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पॉजिटिव बातें की। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने बाजार में खरीदारी शुरू की।
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, बीते हफ्ते लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद यह तेजी मुख्य रूप से शॉर्ट-कवरिंग का नतीजा रही। निफ्टी जैसे ही 25,500 के नीचे फिसला, वहां से शेयरों में तेज खरीदारी और शॉर्ट पोजीशन कवरिंग देखने को मिली।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा कि 25,500 के आसपास एक “बॉटम-फिशिंग” होता हुआ दिखा, जिससे बाजार को सहारा मिला। इन बयानों के बाद सेंक्स दिन के निचले स्तर से करीब 900 अंक उछलकर दोपहर 1:45 बजे के आसपास लगभग 83,751 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी भी उछलकर 25,747 के पास पहुंच गया।
‘खतरा अभी टला नहीं’
हालांकि, इस तेज रिकवरी के बावजूद बाजार की अंदरूनी तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं दिख रही है। निफ्टी को 25,750 के ऊपर टिकने में दिक्कत आ रही है और एडवांस-डिक्लाइन रेशियो यह इशारा कर रहा है कि बाजार में बिकवाली का दबाव अब भी भारी है।
निफ्टी मिडकैप-100 इंडेक्स के 100 में से 74 शेयर लाल निशान में थे, जबकि सिर्फ 26 शेयरों में तेजी दिखी। निफ्टी-200 इंडेक्स के 128 शेयर गिरावट में और 71 शेयर बढ़त में रहे। वहीं निफ्टी-50 इंडेक्स में 369 शेयर लाल और केवल 128 शेयर हरे निशान में दिखे। बीएसई-200 इंडेक्स में भी 128 शेयर गिरावट में रहे, जबकि BSE-500 इंडेक्स में 365 शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
मार्केट एनालिस्ट्स का क्या है कहना?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन ने कहा कि हालिया बिकवाली के बाद छोटे टाइम-फ्रेम चार्ट्स पर मोमेंटम इंडीकेटर्स ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गए थे, जिससे इंट्राडे पुलबैक देखने को मिला। हालांकि उन्होंने चेताया कि हाल ही में Nifty का 50-DEMA सपोर्ट टूट चुका है। इसलिए ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि के लिए इंडेक्स का फिर से इसके ऊपर टिकना जरूरी होगा। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 25,900 और 26,000 के स्तर बड़ी रुकावट बन सकते हैं।
आज की तेजी के पीछे भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर बढ़ती उम्मीदों का हाथ रहा। सर्जियो गोर के बयान के बाद बाजार में पॉजिटिव माहौल बना। खासकर यह संकेत मिलने से कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।
फिर भी, हालिया आंकड़े यह याद दिला रहे हैं कि बाजार पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं पहुंचा है। पिछले पांच कारोबारी दिनों में बीएसई सेंसेक्स करीब 2,186 अंक यानी 2.54% गिर चुका है। वहीं निफ्टी में 645 अंकों यानी 2.45% की गिरावट देखी गई।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, TCS और HCL Tech जैसी आईटी दिग्गज कंपनियों जके नतीजों से पहले सतर्कता ने भी शॉर्ट पोजीशन में मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि इस उछाल को जरूरत से ज्यादा पॉजिटिव मानने की गलती नहीं करनी चाहिए। अजित मिश्रा के मुताबिक जब तक निफ्टी 25,600 के ऊपर मजबूती से टिक नहीं जाता, तब तक करेक्शन दोबारा लौट सकता है।
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