रियल एस्टेट शेयरों में 6 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, ओबेरॉय रियल्टी 8% टूटा, Q3 नतीजों ने बिगाड़ा खेल – real estate stocks see worst day in six months oberoi realty falls 8 percent after q3 results what lies ahead



Real Estate Stocks: रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनियों में मंगलवार 20 जनवरी को भारी बिकवाली देखने को मिली। इस बिकवाली के चलते निफ्टी रियल्टी इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 4% टूटकर 804.60 के स्तर तक आ गया। यह पिछले 6 महीनों में इस इंडेक्स में आई सबसे तेज गिरावट है। इससे पहले निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में इतनी तेज गिरावट आखिरी बार जुलाई 2025 में देखी गई थी।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स आज का सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा। पिछले तीन दिनों से यह इंडेक्स लगातार लाल निशान में बना हुआ है। बीते 10 कारोबारी दिनों में से 9 दिन यह इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है और इस दौरान अब तक यह 12% से अधिक टूट चुका है। इस गिरावट में ओबेरॉय रियल्टी (Oberoi Realty) के कमजोर तिमाही की भी भूमिका रही, जिसका असर पूरे सेक्टर पर पड़ा।

ओबेरॉय रियल्टी के तिमाही नतीजे

ओबेरॉय रियल्टी ने सोमवार को मौजूदा वित्त वर्ष 2026 की अक्टूबर–दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजे घोषित किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा दिसबंर तिमाही में सालाना आधार पर 0.69 फीसदी की मामूली बबढ़ोतरी के साथ ₹622.64 करोड़ रहा। लेकिन पिछली तिमाही में रहे ₹760.26 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले इसमें 18% की गिरावट आई।

कंपनी का रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 6% बढ़ी, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 16% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,492.64 करोड़ रही। कमजोर तिमाही प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया, जिसका सीधा असर शेयर कीमत पर पड़ा।

हालांकि, नतीजों के साथ कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 2 रुपये प्रति शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए 23 जनवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है और डिविडेंड का भुगतान 5 फरवरी या उससे पहले किया जाएगा।

इन शेयरों में दिखी सबसे अधिक गिरावट

तिमाही नतीजों के बाद ओबेरॉय रियल्टी के शेयर करीब 8% गिरकर ₹1,525.30 पर कारोबार करते नजर आए और यह इंडेक्स का सबसे बड़ा लूजर रहा। दूसरी रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भी भारी दबाव दिखा। शोभा और प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के शेयर लगभग 5% टूट गए। मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा) के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई।

बड़े रियल एस्टेट शेयर भी बिकवाली से नहीं बच सके। गोदरेज प्रॉपर्टीज के शेयर करीब 3% और DLF के शेयर लगभग 2% टूट गए। इसके अलावा अनंत राज, फोनिक्स मिल्स, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और सिग्नेचर ग्लोबल के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

आगे क्या? सेक्टर के लिए चुनौती बरकरार

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि रियल एस्टेट सेक्टर पर दबाव सिर्फ कमजोर तिमाही नतीजों तक सीमित नहीं है। बीते साल आईटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर हुई छंटनियों का असर अब हाउसिंग डिमांड पर भी दिखने लगा है। RPS ग्रुप के डायरेक्टर शंशाक गुप्ता के मुताबिक, आईटी सेक्टर में छंटनियों का सीधा असर बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों के लक्जरी हाउसिंग सेगमेंट पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि हाई-इनकम खरीदारों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से मांग कमजोर हुई है।

गुप्ता ने आगे बताया कि मिड-टू-प्रीमियम हाउसिंग की बिक्री पहले ही सालाना आधार पर 15% घट चुकी है, और नौकरी को लेकर अस्थिरता के माहौल में प्रोफेशनल्स नए घर खरीदने के बजाय किराये पर रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।

उनका यह भी कहना है कि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर से करीब 20% नीचे आ चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण आने वाले सालों में आईटी नौकरियों पर और दबाव बढ़ सकता है। अनुमान है कि 2027 तक करीब 30% आईटी जॉब्स पर ऑटोमेशन का असर पड़ सकता है, जिससे लक्जरी हाउसिंग की मांग और कमजोर हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि RBI की ओर से ब्याज दरों में कटौती और नीतिगत सुधारों के चलते FY26 की दूसरी तिमाही से बाजार में कुछ राहत मिल सकती है।

फोर्टएशिया रियल्टी के जीएम (बिजनेस डेवलपमेंट) केशव मंगला ने एनारॉक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2024 के बाद से फिनटेक और आईटी सेक्टर में 1 लाख से ज्यादा छंटनियां हो चुकी हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि टियर-1 शहरों में हाउसिंग डिमांड करीब 12% घट गई है, जिससे डेवलपर्स को कैश फ्लो मैनेज करने में दिक्कत हो रही है और उन्हें इन्वेंट्री बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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