दुनिया में सबसे ज्यादा ज्वेलरी बेचने वाली कंपनी Pandora Jewelleryअब चांदी पर निर्भरता घटाने की योजना बना रही है। उसका कहना है कि अब वह अपनी कुछ ज्वेलरी रेंज में चांदी की जगह प्लैटिनम प्लेटिंग का इस्तेमाल करेगी। बीते एक साल में चांदी की कीमतें दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई हैं। वहीं, सोने जैसी दूसरी कीमती धातुओं में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है।
चांदी पर निर्भरता क्यों घटा रही Pandora
Pandora की सीईओ बर्टा डी पाब्लोस-बार्बियर (Berta de Pablos-Barbier) ने CNBC से बातचीत में कहा कि कंपनी का इरादा पूरी ज्वेलरी को प्लैटिनम-प्लेटेड बनाने का नहीं है। लेकिन, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए चांदी पर निर्भरता कम करना जरूरी हो गया है। इसी वजह से कंपनी अपने कुल उत्पादों में चांदी का हिस्सा घटाकर करीब 20% तक लाने की योजना बना रही है।
Pandora के बिजनेस में चांदी की भूमिका
डेनमार्क की ज्वेलरी कंपनी Pandora दुनिया की सबसे बड़ी ज्वेलरी रिटेलर्स में से एक है। फिलहाल इसके ज्यादातर उत्पाद चांदी से बने होते हैं। Pandora खास तौर पर अपने चार्म ब्रैसलेट्स के लिए जानी जाती है।
इसके सीईओ के मुताबिक, इस समय कंपनी का करीब 60% बिजनेस चांदी के भरोसे है। इसलिए कीमतों में तेजी का असर सीधे कंपनी की लागत और कमाई पर पड़ता है।

प्लैटिनम महंगा, फिर भी लागत कैसे कंट्रोल होगी
हालांकि प्लैटिनम प्रति औंस चांदी से काफी महंगा होता है। इसका मौजूदा भाव चांदी का करीब 28 गुना है। हालांकि, Pandora ने साफ किया है कि वह एलॉय पर प्लैटिनम की प्लेटिंग करेगी। इससे शुद्ध प्लैटिनम इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी और लागत काबू में रहेगी।
इसका मतलब है कि अंदर का मैटेरियल किसी और ठोस धातु का रहेगा, कंपनी सिर्फ उसके ऊपर प्लैटिनम की कोटिंग करेगी। Pandora का दावा है कि इस बदलाव से ग्राहकों के लिए ज्वेलरी की कीमत न तो बढ़ेगी और न ही घटेगी, यानी प्लैटिनम-प्लेटेड प्रोडक्ट्स की कीमत सिल्वर ज्वेलरी के बराबर ही रहेगी।
चांदी छोड़ महंगे प्लैटिनम का रुख क्यों?
- Pandora जो ज्वेलरी बनाएगी वह पूरी तरह प्लैटिनम की नहीं होगी, बल्कि किसी दूसरे मेटल एलॉय (जैसे कॉपर या स्टील बेस) के ऊपर प्लैटिनम की बहुत पतली परत चढ़ाई जाएगी। इससे ज्वेलरी दिखेगी प्लैटिनम जैसी, लेकिन असल में उसमें प्लैटिनम की मात्रा बेहद कम होगी।
- प्लैटिनम चांदी से काफी महंगा और रेयर होता है, लेकिन प्लेटिंग में माइक्रो-लेवल पर इसका इस्तेमाल होता है। इसलिए कुल मेटल कॉस्ट कंट्रोल में रहती है और कंपनी को ठोस प्लैटिनम ज्वेलरी जितना खर्च नहीं उठाना पड़ता।
- चांदी के दाम पिछले एक साल में दोगुने से ज्यादा बढ़े हैं। इसमें अभी भी भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे ज्वेलरी कंपनियों की लागत और मार्जिन पर काफी बुरा असर पड़ा है। इसके मुकाबले प्लैटिनम के दाम काफी हद तक स्थिर हैं।
- प्लैटिनम को आमतौर पर गोल्ड के बाद सबसे प्रीमियम व्हाइट मेटल माना जाता है। इसलिए भले ही वह एलॉय पर चढ़ी हो, ग्राहक को ज्वेलरी ज्यादा कीमती और अपमार्केट लगती है। इससे ब्रांड वैल्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
- Pandora का कहना है कि एलॉय पर प्लैटिनम प्लेटिंग करने से न तो ज्वेलरी चांदी से ज्यादा महंगी होगी और न सस्ती। यानी ग्राहक को कीमत में फर्क महसूस नहीं होगा, लेकिन कंपनी को लागत और मार्केटिंग दोनों स्तर पर फायदा मिलेगा।

ग्राहकों की सोच और ‘एलीट’ इमेज का फायदा
ज्वेलरी इतिहासकार विविएन बेकर का कहना है कि प्लैटिनम की एक ‘एलीट’ छवि होती है। इसलिए भले ही वह एलॉय पर आधारित हो, ग्राहकों को कीमती होने का एहसास मिलेगा। उनके मुताबिक, सोने की कीमतें बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं का रुझान व्हाइट मेटल्स की ओर बढ़ा है। इसलिए Pandora का यह कदम ‘स्मार्ट मार्केटिंग’ माना जा सकता है, जो अपमार्केट ग्राहकों को आकर्षित करेगा।
प्लैटिनम को लेकर Pandora की रिसर्च क्या कहती है
Pandora का कहना है कि उसकी रिसर्च और इनसाइट्स बताती हैं कि उपभोक्ताओं के बीच प्लैटिनम को काफी सम्मान मिलता है। कंपनी के मुताबिक, इसे व्हाइट सॉलिड गोल्ड के बाद दूसरा सबसे कीमती व्हाइट मेटल माना जाता है। यही वजह है कि कंपनी इस मेटल को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
कहां और कैसे होगी नई ज्वेलरी की लॉन्चिंग
Pandora उत्तरी यूरोप में 30 स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने बेस्ट-सेलिंग ब्रैसलेट्स के प्लैटिनम-प्लेटेड वर्जन की कुछ ज्वेलरी लॉन्च करेगी। इसके बाद 2026 की दूसरी छमाही में इसका ग्लोबल रोलआउट किया जाएगा।
शॉर्ट टर्म में Pandora प्लैटिनम प्लेटिंग के लिए थर्ड-पार्टी वेंडर्स का सहारा लेगी। बाद में यह काम थाईलैंड और वियतनाम में स्थित अपने प्लांट्स में शिफ्ट किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य 2028 तक इस बदलाव को पूरी तरह लागू करने का है।