
इंडियन मार्केट्स के अच्छे दिन आने वाले हैं। भारतीय बाजार की जल्द रीरेटिंग होने वाली है। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी नई रिपोर्ट में यह बात कही है। यह शेयरों के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। साल 2025 ने शेयरों के निवेशकों को निराश किया। भले ही पिछले साल सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न करीब 10 फीसदी रहा, लेकिन ज्यादातर निवेशकों को अपने निवेश पर मुनाफा नहीं हुआ।
Morgan Stanley के इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट्स रिद्धम देसाई और नयंत पारेख ने उन वजहों के बारे में 6 फरवरी को बताया, जिससे इंडियन मार्केट्स में तेजी आ सकती है। उनका कहना है कि आरबीआई की पॉलिसी ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली है। केंद्रीय बैंक ने इंटरेस्ट रेट्स में कमी की है। बैंकों की आजादी बढ़ी है। बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय किए गए हैं। सरकार का फोकस लगातार कैपिटल एक्सपेंडिचर पर बना हुआ है। पिछले साल जीएसटी के रेट्स में बड़ी कटौती हुई। यूनियन बजट में ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान हुआ है। इससे इंडियन मार्केट्स में तेजी आएगी।
देसाई और पारेख का मानना है कि आने वाले महीनों में अर्निंग्स ग्रोथ भी काफी बढ़ सकती है। इंडियन मार्केट्स के लिए अर्निंग्स ग्रोथ बड़ा सिरदर्द रहा है। कंजम्प्शन बढ़ने के बावजूद कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ ज्यादा नहीं बढ़ी है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है, “ट्रेड डील और चीन से बेहतर होते रिश्तों का भी स्टॉक मार्केट्स पर पॉजिटिव असर पड़ेगा।” इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाने का ऐलान किया। मार्च में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील भी होने जा रही है।
मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने कहा है कि भारतीय कंपनियों के शेयरों के साथ एक साथ कई पॉजिटिव चीजें दिख रही हैं। इनमें रिलेटिव वैल्यूएशंस का कम होना, कमजोर ट्रेलिंग परफॉर्मेंस, ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली पॉलिसी और करेंसी में कमजोरी शामिल हैं। नई बायबैक साइकिल शुरू होने के भी आसार हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय शेयर बाजारों का बीते 12 महीनों का प्रदर्शन इतिहास में सबसे खराब रहा।
इस रिपोर्ट में भारतीय बाजार में संभावित तेजी की चार वजहें बताई गई हैं। इसमें पहला कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ में इम्प्रूवमेंट का संकेत है। दूसरा आरबीआई की ग्रोथ और लिक्विडिटी को बढ़ावा देने वाली पॉलिसी है। तीसरा, रिफॉर्म्स को बढ़ावा देने वाली सरकार की पॉलिसी है। आने वाले समय में सरकार का फोकस प्राइवेटाइजेशन पर बढ़ने की उम्मीद है। आखिर में विदेशी निवेशकों की खरीदारी है। बीते कई महीनों से विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ने पर विदेशी निवेशकों की खरीदारी फिर से शुरू हो सकती है।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि बुल केस में यानी तेजी की स्थिति में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 प्वाइंट्स तक जा सकता है। बेस केस में यह दिसंबर तक 95,000 तक जा सकता है। बेयर केस यानी गिरावट की स्थिति में यह इस साल के अंत तक 76,000 तक जा सकता है। 6 फरवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उतारचढ़ाव देखने को मिला। सुबह में कमजोर खुलने वाले बाजार दोपहर बाद हरे निशान में आ गए। सेंसेक्स 266 अंक चढ़कर 83,580 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 51 अंक की मजबूती के साथ 25,693 पर क्लोज हुआ।