
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश करते हुए ‘बायोफार्मा शक्ति’ की घोषणा की। इसके तहत अगले 5 सालों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इस कदम से देश के दवा उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ‘बायोफार्मास्युटिकल्स’ या ‘बायोलॉजिक्स’ ऐसी जटिल मेडिसिन होती हैं, जिन्हें रासायनिक संश्लेषण यानि कि केमिकल सिंथेसिस के बजाय जीवों, कोशिकाओं या ऊतकों से तैयार किया जाता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि ज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के जरिए हेल्थकेयर सर्विसेज की बेहतरी के लिए रणनीति- ‘बायोफार्मा शक्ति’ पर काम किया जाएगा। यह पहल बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए इकोसिस्टम बनाएगी। इस पहल का मकसद भारत को बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है। भारत में बीमारियों का बोझ अब गैर-संक्रामक बीमारियों, जैसे डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून विकारों की ओर बढ़ रहा है। सीतारमण ने कहा कि बायोलॉजिक दवाएं किफायती कीमतों पर लंबी उम्र और जीवन की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री ने कहा कि इस रणनीति में 3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) के साथ एक बायोफार्मा-केंद्रित नेटवर्क और 7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करना शामिल होगा। यह 1000 से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का एक नेटवर्क भी बनाएगा। यह भी कहा कि हम एक डेडिकेटेड साइंटिफिक रिव्यू कैडर और विशेषज्ञों के जरिए वैश्विक मानकों और अप्रूवल टाइमफ्रेम्स को पूरा करने के लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन को मजबूत करने का प्रस्ताव करते हैं।
Anthem Biosciences 6 प्रतिशत तक उछला
ऐलान के बाद दिन में BSE पर बायोकॉन लिमिटेड के शेयर 3 प्रतिशत तक, एंथेम बायोसाइंसेज के 6 प्रतिशत तक, सिनजीन इंटरनेशनल के 3 प्रतिशत तक, पैनेसिया बायोटेक के 2.56 प्रतिशत तक, नाटको फार्मा के 1.63 प्रतिशत तक, कॉनकॉर्ड बायोटेक के 1.54 प्रतिशत तक, डॉ. रेड्डीज लैब्स के 1.37 प्रतिशत तक और ग्लैंड फार्मा के शेयर 1.10 प्रतिशत तक उछल गए। बाद में बायोकॉन का शेयर 0.55 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर सिनजीन इंटरनेशनल, एंथेम बायोसाइंसेज, नाटको फार्मा, पैनेसिया बायोटेक, कॉनकॉर्ड बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैब्स, ग्लैंड फार्मा लाल निशा में बंद हुए।
एक्सपर्ट की राय
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर एंटनी प्रशांत का कहना है कि आज के बजट में 10,000 करोड़ रुपये की बायोफार्मा शक्ति की घोषणा उद्योग को सही दिशा में ले जाती है। नई NIPER सुविधाओं, 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल साइट्स और CDSCO को वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए मजबूत करने के साथ-साथ अप्रूवल्स में तेजी लाने पर फोकस किया गया है। इससे न सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत एंड-टू-एंड बायो-फार्मा वैल्यू चेन में कॉम्पिटिटिव बन पाएगा। इस वैल्यू चेन में दवा की खोज, क्लिनिकल ट्रायल और मार्केट एक्सेस शामिल हैं।