ग्लोबल शराब कंपनी Diageo Plc की भारतीय इकाई United Spirits (USL) ने अपनी सब्सिडियरी Royal Challengers Sports Private Limited (RCSPL) को बेचने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस कंपनी के पास IPL की लोकप्रिय टीम Royal Challengers Bengaluru (RCB) की ओनरशिप है। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, USL ने फरवरी की शुरुआत तक शुरुआती या नॉन-बाइंडिंग ऑफर मांगे हैं।
RCSPL क्यों बेचना चाहती है United Spirits
यह कदम RCSPL की स्ट्रैटेजिक रिव्यू प्रक्रिया के बाद उठाया गया है, जो नवंबर में शुरू हुई थी। इसके 31 मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। RCSPL को USL के अल्कोबेव बिजनेस के लिए नॉन-कोर एसेट माना जा रहा है। RCB पुरुषों की IPL और Women’s Premier League (WPL) दोनों में हिस्सा लेती है, जिनका आयोजन हर साल BCCI करती है।
RCB बना प्रीमियम एसेट, 50 से ज्यादा NDA साइन
सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल IPL ट्रॉफी जीत चुकी RCB एक हाई-वैल्यू एसेट है। मौजूदा बिक्री प्रक्रिया में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिल रही है। अब तक 50 से ज्यादा NDA (Non-Disclosure Agreement) साइन किए जा चुके हैं। इनमें भारतीय स्ट्रैटेजिक निवेशक, ग्लोबल स्पोर्ट्स फंड, प्राइवेट इक्विटी फंड, सॉवरेन वेल्थ फंड, NRI उद्यमी और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स शामिल हैं।

$2 अरब वैल्यूएशन की मांग
एक तीसरे सूत्र के मुताबिक, RCB के लिए शुरुआती बिड फरवरी की शुरुआत तक मांगी गई है। सेल साइड RCSPL में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए करीब 2 अरब डॉलर का वैल्यूएशन चाह रही है।
वहीं कुछ संभावित खरीदार कंपनी की वैल्यू 1.5 से 1.7 अरब डॉलर के बीच आंक रहे हैं। ड्यू डिलिजेंस के बाद बाइंडिंग बिड स्टेज पर वैल्यूएशन को लेकर तस्वीर साफ होगी। इस डील को इन्वेस्टमेंट बैंक Citi संभाल रहा है।
Adar Poonawalla की एंट्री
9 अक्टूबर 2025 को Serum Institute of India के CEO और Poonawalla Fincorp के चेयरमैन अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि सही वैल्यूएशन पर RCB एक शानदार टीम है। पिछले हफ्ते उन्होंने अपनी दिलचस्पी सार्वजनिक करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में वह RCB के लिए मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली लगाएंगे।

कंसोर्टियम बना सकते हैं निवेशक
एक NDA साइन होने का मतलब यह नहीं है कि सभी पार्टियां पक्की बोली लगाएंगी। एक अन्य सूत्र के मुताबिक, कई निवेशक आगे चलकर कंसोर्टियम बनाकर बोली लगाने पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि यह डील बेहद बड़ी है और इसमें मोटा चेक लिखना पड़ेगा।
Manipal Group, KKR और Temasek की संभावित साझेदारी
डील से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित Manipal Group के Dr Ranjan Pai ने अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी दिग्गज KKR के साथ एडवांस बातचीत की है। योजना यह है कि KKR को लीड पार्टनर बनाकर एक कंसोर्टियम तैयार किया जाए। सिंगापुर की निवेश कंपनी Temasek भी जरूरत पड़ने पर तीसरे निवेशक के तौर पर जुड़ सकती है। वहीं JSW Group से जुड़े एक सूत्र ने साफ किया कि यह ग्रुप न तो RCB और न ही Rajasthan Royals की दौड़ में है।

IPL में M&A का दौर, दूसरी टीमों पर भी नजर
RCB के अलावा IPL की दूसरी टीमों में भी हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर 2025 में Moneycontrol ने बताया था कि Rajasthan Royals में मेजोरिटी स्टेक बिक्री की तैयारी है, जिसका टारगेट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा रखा गया है। इस डील के लिए The Raine Group को एडवाइजर बनाया गया है।
Rajasthan Royals में कौन-कौन हैं हिस्सेदार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटिश-इंडियन बिजनेसमैन Manoj Badale की Emerging Media Ventures के पास Rajasthan Royals में करीब 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। RedBird Capital Partners के पास करीब 15 प्रतिशत और Fox Corporation के Lachlan Murdoch जैसे अन्य निवेशक भी इसमें शामिल हैं। Badale चाहें तो आंशिक हिस्सेदारी अपने पास रखकर कंट्रोल छोड़ सकते हैं।
KKR में भी बिकेगी हिस्सेदारी
18 दिसंबर 2025 को Moneycontrol ने बताया था कि कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) में भी आंशिक हिस्सेदारी बिक्री की योजना बन रही है। KKR की ओनरशिप Knight Riders Sports Private Ltd के पास है।
इसमें बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की Red Chillies Entertainment के पास 55 प्रतिशत है। वहीं, Mehta Group के पास 45 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस टीम को 2008 में करीब 75 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था।

निवेशकों को लुभा रहा IPL
Houlihan Lokey की ‘IPL Valuation Study 2025’ के मुताबिक, IPL का बिजनेस वैल्यू 2023 के 15.4 अरब डॉलर से बढ़कर 18.5 अरब डॉलर हो गया है। वहीं ब्रांड वैल्यू 3.2 अरब डॉलर से बढ़कर 3.9 अरब डॉलर पहुंच गई है।
स्टडी के मुताबिक, ब्रांड वैल्यू के मामले में RCB 269 मिलियन डॉलर के साथ टॉप पर है। इसके बाद Mumbai Indians, Chennai Super Kings और Kolkata Knight Riders का स्थान है।
कम लागत, ज्यादा कमाई वाला मॉडल
रिपोर्ट में कहा गया है कि IPL फ्रैंचाइजियों को BCCI के लंबे मीडिया राइट्स कॉन्ट्रैक्ट और पहले से तय स्पॉन्सरशिप के चलते मजबूत और स्थिर रेवेन्यू मिलता है। टॉप टीमें सालाना 650 से 700 करोड़ रुपये कमाती हैं, जिसमें से करीब 80 प्रतिशत कमाई टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही तय हो जाती है।
खर्च की बात करें, तो 120 करोड़ रुपये प्रति टीम की सैलरी कैप वेज इन्फ्लेशन को रोकती है। यब सभी टीमों के बीच संतुलन बनाए रखती है। साथ ही स्टेडियम जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर BCCI उपलब्ध कराती है, जिससे फ्रैंचाइजियों का मॉडल कैपिटल हल्का बनता है और रिटर्न बेहतर रहता है।
निवेशकों के लिए क्यों खास है IPL
Houlihan Lokey की रिपोर्ट के मुताबिक, IPL सिर्फ एक खेल लीग नहीं, बल्कि एंटरटेनमेंट सेक्टर का हाई-ग्रोथ बिजनेस है। तेजी से बढ़ता फैन बेस, बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम कंटेंट की मांग इसे निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।