दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन ने स्मॉलकैप-मिडकैप को लेकर चेताया, कहा-इन शेयरों में गिरावट जारी रह सकती है – smallcap midcap stocks veteran fund manager prashant jain says midcap smallcap stocks may coninue to fall



दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन का मानना है कि स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स की पिटाई जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि लार्जकैप स्टॉक्स में लंबा टाइम-करेक्शन आ चुका है। लेकिन, छोटे और मझोले शेयरों की मुश्किल खत्म नहीं हुई है। जैन 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के फाउंडर और सीआईओ हैं। उन्होंने 14वें सालाना एआईबीआई कॉन्फ्रेंस में 15 जनवरी को ये बातें कहीं।

मार्केट में अभी पूरा नहीं हुआ है एडजस्टमेंट प्रोसेस

जैन ने कहा कि कोविड के बाद आई तेजी की वजह से स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों की वैल्यूएशंस उनके फंडामेंटल्स से काफी आगे निकल गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूरे मार्केट की बात की जाए तो एडजस्टमेंट प्रोसेस अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यह स्पेस (मिडकैप-स्मॉलकैप) अब भी महंगा है। इसलिए इसमें टाइम और प्राइस दोनों करेक्शन देखने को मिल सकता है।”

बीते छह महीनों में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 8% गिरा

पिछले 6 महीनों में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 8 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। जैन का मानना है कि लार्जकैप शेयर ज्यादा संतुलित दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, “लार्जकैप शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अब फेवरेबल है। हालांकि, ये अभी सस्ते नहीं हैं, लेकिन इनकी वैल्यूएशन ठीक है।” उन्होंने कहा कि अगले 3 से 5 सालो में मार्केट के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न सामान्य रह सकता है।

3 से 5 साल में निफ्टी का रिटर्न 11-12 फीसदी तक रह सकता है

उन्होंने कहा कि अगर तीन से 5 साल की बात की जाए तो निफ्टी रिटर्न शुरुआती डबल डिजिट यानी 11-12 फीसदी रह सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक खराब रिटर्न निवेशकों के धैर्य की परीक्षा लेने वाला है। उन्होंने कहा, “अगर पांच सालों तक आप मुनाफा नहीं कमाते हैं तो फिर आपको काफी निराशा हो सकती है। इसका असर निवेश पर दिख सकता है।”

वैल्यूएशन में उछाल में नए निवेशकों की बाजार में एंट्री का हाथ

उन्होंने कहा कि वैल्यूएशन बढ़ने की बड़ी वजह मार्केट में नए निवेशकों की एंट्री है। ये कोविड के बाद मार्केट में आए। उन्होंने कहा, “अगर आप डीमैट अकाउंट की संख्या को देखें तो 70-80 फीसदी डीमैट अकाउंट्स कोविड के बाद ओपन हुए हैं। इन इनवेस्टर्स को कोविड से पहले की मार्केट साइकिल के बारे में पता नहीं है। कई नए इनवेस्टर्स का मानना है कि बीते पांच सालों में जितना रिटर्न मिला है, उतना आगे भी मिलता रहेगा।”

मार्केट प्लेस में प्रतियोगिता की वजह से मार्जिन ज्यादा नहीं बढ़ेगा

जीडीपी के बारे में जैन ने कहा कि इस बात की उम्मीद कम है कि नॉमिनल जीडीपी लगातार 11-12 फीसदी तक बनी रहेगी। हालांकि, इंडस्ट्रीज के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है। प्राइवेट इक्विटी और प्राइमरी मार्केट्स से काफी कैपिटल आ रहा है। इसका मतलब है कि मार्केट प्लेस में प्रतियोगिता बढ़ेगी। इसका मतलब है कि किसी सेक्टर में मार्जिन बढ़ने की काफी सीमित गुंजाइश है।

निवेशकों को आईपीओ में लिस्टिंग गेंस के पीछे नहीं भागना चाहिए

आईपीओ को लेकर इनवेस्टर्स की दीवानगी के बारे में उन्होंने कहा कि निवेशकों को लिस्टिंग गेंस और शॉर्ट टर्म गेंस के पीछे नहीं भागना चाहिए। आपको आईपीओ में ठीक उसी तरह से निवेश करना चाहिए, जिस तरह आप सेकेंडरी मार्केट में निवेश करते हैं। उन्होंने कहा, “आईपीओ मार्केट में आपको मौका चूकने का डर (FOMO) नहीं होना चाहिए। प्राइमरी इश्यूज के मामले में इंफॉर्मेशन के लिहाज से इनवेस्टर्स हमेशा नुकसान में रहते है। इसलिए उन्हें बिजनेस की सस्टेनेबिलिटी और सही वैल्यूएशन पर फोकस करना चाहिए।”



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