इस मीडिया फर्म ने 1:10 के अनुपात में शेयर स्प्लिट का ऐलान किया, शेयर बीते 5 सालों में 89000% चढ़ चुका है – this media firm announces stock split in the ration on 1 10 company share has delivered 89000 percent return in last 5 years



श्री अधिकारी ब्रदर्स टेलीविजन नेटवर्क ने अपने शेयर 1:10 के अनुपात में स्प्लिट करने का ऐलान किया है। इससे इस मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कंपनी का शेयर 6 जनवरी को 1.6 फीसदी चढ़कर 1,705 रुपये पर पहुंच गया। इस स्मॉलकैप शेयर ने बीते 5 सालों में अपने रिटर्न से चौंकाया है। इस दौरान इसने 89,000 फीसदी रिटर्न दिया है।

Sri Adhikari Brothers ने 6 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंजों को शेयर के स्प्लिट के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा है, “बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रत्येक 10 रुपये फेस वैल्यू के मौजूदा 1 (एक) इक्विटी शेयर को प्रत्येक 1 रुपये फैस वैल्यू के 10 फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों में सब-डिवीजन स्प्लिट को मंजूरी दी है।”

कंपनी ने कहा है कि इस स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट की जानकारी बाद में दी जाएगी। यह जानकारी पोस्टल बैलेट से शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल लेने के बाद दी जाएगी। कंपनी के इस फैसले से उसका प्रत्येक शेयर 10 शेयरों में बंट जाएगा। इससे इनवेस्टर्स के लिए कंपनी के शेयर में निवेश करना आसान हो जाएगा।

श्री अधिकारी ब्रदर्स ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि स्प्लिट के फैसले से शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ेगी। इससे रिटेल इनवेस्टर्स की इस शेयर में दिलचस्पी भी बढ़ेगी। कंपनी की शुरुआत 1994 में हुई थी। यह एक मीडिया कंपनी है, जो कंटेंट प्रोडक्शन, ब्रॉडकास्टर्स के कंटेंट के सिंडिकेशन, एग्रीगेटर्स और सैटेलाइट जैसे फील्ड में ऑपरेट करती है।

6 जनवरी को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रमोटर से 100 करोड़ रुपये तक के लोन एक्सेप्टेंस को एप्रूवल दे दिया। इसमें इस लोन को कंपनी के इक्विटी शेयरों में कनवर्क करने का ऑप्शन शामिल है। बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल लेने की सिफारिश की है।

FY26 की दूसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट 14.1 करोड़ रुपये था। यह FY25 की दूसरी तिमाही में कंपनी के 0.17 करोड़ रुपये के प्रॉफिट से करीब 83 गुना ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू FY26 की सितंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर 244.44 फीसदी बढ़कर 4.34 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 जनवरी को कंपनी के कर्ज लेने के पावर को भी बढ़ा दिया। इसके मुताबिक, कर्ज का कुल अमाउंट 500 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेने की भी सिफारिश की।



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