
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा यूनियन बजट 2026 पेश करने के बाद, सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 1 फरवरी को 7 प्रतिशत तक लुढ़का। इंडेक्स में शामिल सभी 12 शेयर लाल निशान में हैं। सबसे ज्यादा 6 प्रतिशत की गिरावट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर में दिख रही है। उसके बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र है, जो 5 प्रतिशत गिरा है।
दरअसल बजट 2026 में ऐलान हुआ है कि केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-2027 में बाजार से रिकॉर्ड ₹17.2 लाख करोड़ उधार लेगी। यह आंकड़ा उम्मीद से ज्यादा है। FY27 के लिए नेट उधारी, जिसमें ब्याज भुगतान शामिल नहीं है, उम्मीद के मुताबिक ₹11.7 लाख करोड़ रहने का अनुमान है।
सरकार की ओर से बाजार से ज्यादा उधार उठाए जाने से बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होगी। यह PSU बैंकों के लिए नेगेटिव है। इसी के चलते इनके शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। ज्यादा यील्ड से इन बैंकों के मार्क-टू-मार्केट पोर्टफोलियो में ट्रेजरी लॉस होगा।
और किस सरकारी बैंक का शेयर कितना गिरा
SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर 4 प्रतिशत गिरे हैं। इंडियन बैंक का शेयर 3.5 प्रतिशत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेयर लगभग 3 प्रतिशत, इंडियन ओवरसीज बैंक का शेयर 2.6 प्रतिशत नीचे आया है। पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और केनरा बैंक के शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटे हैं। यूको बैंक के शेयर में 1.6 प्रतिशत की गिरावट है। रविवार को बजट पेश होने के चलते आज इक्विटी बाजार खुले हुए हैं। वहीं बॉन्ड बाजार बंद हैं। करेंसी बाजारों में ट्रेडिंग सोमवार होगी।