इक्विटी कैश सेगमेंट में अब ब्रोकर-लेवल पर 10 करोड़ ऑर्डर मैसेज रहेंगे फ्री, लिमिट क्रॉस होने पर BSE वसूलेगा चार्ज – bse proposed daily broker level free order message threshold of 10 crore in equity cash segment charges to be levied on exceeding this limit



2026 से इक्विटी कैश सेगमेंट में रोजाना, ब्रोकर-लेवल पर 10 करोड़ ऑर्डर मैसेज फ्री रहेंगे। लेकिन यह लिमिट क्रॉस होने के बाद ऑर्डर मैसेज फ्लो पर चार्ज लगाया जाएगा। यह प्रपोजल स्टॉक एक्सचेंज BSE ने दिया है।

प्रपोजल का मकसद ब्रोकर लेवल पर बैलेंस्ड और एफिशिएंट ऑर्डर फ्लो मैनेजमेंट को बढ़ावा देना है। BSE हर ब्रोकर के रोजाना के ऑर्डर मैसेज की गिनती पर नजर रखेगा और जो लोग 10 करोड़ की लिमिट पार करेंगे, उन पर चार्ज लगाएगा।

लिमिट क्रॉस होने के बाद के ऑर्डर मैसेज पर प्रति मैसेज 0.0025 रुपये का चार्ज लगेगा, जिसका मतलब है कि हर अतिरिक्त 10 लाख ऑर्डर मैसेज पर 2.50 रुपये लगेंगे।

इक्विटी कैश सेगमेंट में एक ब्रोकर की ओर से दिए गए सभी ऑर्डर मैसेज गिने जाएंगे। इनमें ऐड, मॉडिफाई, डिलीट ऑर्डर, ऑड-लॉट ऑर्डर के मैसेज भी शामिल हैं। सेटलमेंट ऑक्शन ऑर्डर, कैलकुलेशन से बाहर रहेंगे।

राहत देने के लिए, हर कैलेंडर महीने में ब्रोकर की ओर से लिमिट क्रॉस होने की पहली घटना पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। लेकिन उसी महीने में फिर से ऐसा होने पर फीस लगेगी।

BSE 1 जनवरी, 2026 से ब्रोकर्स के साथ डेली फाइल्स शेयर करना शुरू करेगा। इनमें कुल ऑर्डर्स की गिनती की डिटेल होगी। 15 जनवरी 2026 से, इन फाइलों में लागू चार्ज भी शामिल होंगे लेकिन तभी जब कोई लिमिट तोड़ी गई हो।

चार्ज रोजाना जमा होंगे और रेगुलर मंथली बिलिंग साइकिल के जरिए वसूले जाएंगे। इस फ्रेमवर्क को 1 जनवरी, 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है।

पहले महीने यानि 1-31 जनवरी, 2026 के दौरान कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। असल चार्ज फरवरी 2026 से आगे, प्रस्तावित फ्रेमवर्क के अनुसार लागू होंगे।



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