अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर अपना फैसला टाला – us supreme court does not deliver its verdict on donald trump tariff imposition



अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने 9 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला नहीं दिया। इस फैसले पर भारत सहित दुनिया भर की नजरें लगी हुई थीं। इस हफ्ते भारत में शेयर बाजारों पर बड़ा दबाव देखने को मिला था। बाजार को डर था कि अगर ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाया तो इसका खराब असर पड़ेगा। पहले से ही विदेशी फंडों की बिकवाली की वजह से इंडियन मार्केट्स पर दबाव है। उधर, इंडिया और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में देरी का असर भी मार्केट्स पर पड़ा है।

अगले दो हफ्तों के अंदर जजों के और ओपिनियन आ सकते हैं

अमेरिकी न्यायधीशों ने टर्म के बारे में पहला व्यापक ओपिनियन इश्यू किया। कोर्ट ने कहा कि अगले दो हफ्तों के दौरान आगे और ओपिनियन आ सकते हैं। छुट्टियों से लौटने के बाद न्यायधीश ओपिनियन दे सकते हैं। इस मामले में फैसला नहीं आने से अनिश्चितता बढ़ गई है। खासकर उन बाजारों के अनिश्चितता बढ़ी है, जो अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी के संकेतों को लेकर संवेदनशील रहे हैं। इंडिया में एक्सपोर्ट पर ट्रंप कै टैरिफ का असर पड़ा है।

ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए 1977 के इमर्जेंसी पावर का इस्तेमाल किया

ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर 10-50 फीसदी टैरिफ लगाने के लिए 1977 के एक इमर्जेंसी पावर का इस्तेमाल किया था। उसने चीन, कनाडा और मैक्सिको सहित कई देशों पर टैरिफ लगाया है। इंडिया पर उसने बहुत ज्यादा टैरिफ लगाया है, जिसका असर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ा है। अमेरिकी सरकार ने टैरिफ लगाने के फैसले का बचाव किया है। उसका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापार असंतुलन को ध्यान में रख इन देशों पर टैरिफ लगाया गया है, जो सही है।

लोअर कोर्ट्स कह चुके हैं कि ट्रंप ने अधिकारक्षेत्र से बाहर जाकर टैरिफ लगाया

अमेरिका लोअर कोर्ट्स अपने फैसले में यह कह चुके हैं कि ट्रंप ने अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर जाकर टैरिफ लगाने के फैसले लिए हैं। इस फैसले के खिलाफ अपील के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। इंडिया पर ट्रंप के टैरिफ का असर पड़ा है। एक्सपोर्ट्स की ग्रोथ में कमी देखने को मिली है। खासकर एमएसएमई सेक्टर को इससे मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। अमेरिका ने इंडिया पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसमें से 25 फीसदी टैरिफ रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया है।



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