
अमेरिकी सरकार के भारतीय सामानों पर टैरिफ कम करने के फैसले के बाद ऑफशोर मार्केट में रुपये में और तेज़ी आई। इससे रुपए को लेकर सेंटिमेंट में सुधार हुआ है। वन-मंथ USD/INR नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड्स के भाव 0.4 प्रतिशत तक गिरकर 90.28 पर आ गए है, जिससे लगभग 1.3 प्रतिशत की ओवरनाइट गिरावट और बढ़ गई है। ट्रेडर्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के यह घोषणा करने के बाद कि भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा (जो बांग्लादेश और पाकिस्तान पर लागू दरों से थोड़ा कम है) USD/INR NDFs को आखिरकार कुछ राहत मिली है। इसके बदले में,भारत शायद रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद करने के लिए रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया है।
मार्केट रुपए की इस तेज़ी को लेकर सतर्क
हालांकि, मार्केट रुपए की इस तेज़ी को लेकर सावधान मुद्रा में हैं। बाजार की नजरें इस हफ़्ते के आखिर में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से मिलने वाली नई गाइडेंस पर है। पिछले हफ़्ते के नेशनल बजट पर बॉन्ड मार्केट की नेगेटिव प्रतिक्रिया के बाद सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी में ढील देने की गुंजाइश कम लग रही है। सरकार के रिकॉर्ड स्तर के डेट-सेल प्रोग्राम के बाद, दस साल के सरकारी बॉन्ड क यील्ड एक साल से ज़्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे लेवल की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे फिक्स्ड-इनकम मार्केट पर दबाव बढ़ रहा है।
शेयर बाजार में तेज़ी से करेंसी को भी मिलेगा सपोर्ट
रुपी ट्रेडर् रिस्क लेने की इच्छा की जांच के लिए घरेलू इक्विटी पर भी करीब से नज़र रखे हुए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में लगातार तेज़ी करेंसी को और सपोर्ट दे सकती है। इससे USD/INR NDFs 90 के लेवल से नीचे जा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑफशोर ट्रेड में तेज़ बढ़त को देखते हुए,ऑनशोर मार्केट में भी रुपए में मजबूती आने की उम्मीद है।
आज 90 से 91 की रेंज में ट्रेड कर सकता है रुपया
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया धीरे-धीरे 90 के लेवल की ओर मजबूत हो सकता है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक रविवार को पेश किए गए अच्छे बजट के बाद भारतीय इक्विटी और डेट के खरीदार बन सकते हैं। रुपए के लिए एकमात्र नेगेटिव बात इक्विटी डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी है।
भंसाली ने कहा कि RBI किसी स्टेज पर अपनी शॉर्ट पोजीशन को कवर करने के लिए दखल दे सकता है, लेकिन अभी रुपये को मज़बूत होने दे सकता है क्योंकि जिन एक्सपोर्टर्स ने शॉर्ट US डॉलर पोजीशन ले रखी थी, वे डॉलर बेचने के लिए आगे आ सकते हैं। उन्हें उम्मीद है कि आज रुपया 90 से 91 की रेंज में ट्रेड करेगा।
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